विक्रमजोत। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार शुक्रवार शाम करीब 4 बजे नदी का जलस्तर 92.320 मीटर पर रिकार्ड हुआ है। यह खतरे के निशान 93.730 मीटर से 41 सेमी नीचे है। नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। नदी अब चेतावनी बिंदु के करीब आ गई है। इससे तटवर्ती गांवों में काफी राहत महसूस की जा रही है। विक्रमजोत ब्लाॅक क्षेत्र के आपदाग्रस्त गांवों में अब नदी का पानी पूरी तरह से हट चुका है। बीते चौबीस घंटे चार सेमी नदी का पानी कम हुआ। ग्रामीणों के अनुमान के अनुसार नदी के जलस्तर में तेजी से कमी होने के चलते तलहटी में कटान होने की संभावना रहती है। ऐसी स्थिति में सर्वाधिक खतरा नदी के किनारे बसे आबादी वाले गांव कल्याणपुर, भरथापुर, संदलपुर और पकड़ी संग्राम गांव पर मंडराने लगा है। बाढ़ खंड की टीम पहले से ही कटान रोधी कार्य में जुटी हुई है। बाढ़ प्रभावित गांवों में जल जनित बीमारियों के फैलने का भी खतरा बढ़ गया है। बुखार, सिरदर्द, सर्दी और वायरल की चपेट में तेजी से लोग आ रहे हैं। स्थानीय सीएचसी और निजी चिकित्सकों के यहां मरीजों की तादाद बढ़ गई है। पशुओं में मच्छर काटने से बुखार और खुरपका, मुंहपका की बीमारी पनप रही है। कल्याणपुर के प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक का कहना है अभी तक उनके गांव में पशु-चिकित्सक नहीं पहुंचे हैं। तटबंध के किनारे स्थित कुछ घरों के पशुओं का इलाज करके टीम लौट गई थी। ग्रामीण निजी डॉक्टरों से पशुओं का महंगे दर पर इलाज कराने को मजबूर है। राजकीय पशु चिकित्सालय विक्रमजोत के प्रभारी डाॅ. राममूर्ति वर्मा ने बताया कि स्टाफ कम है। क्षमता के अनुसार पशुपालकों की मदद की जा रही है। संवाद