सुविका बाबू गांव के लोग मोटर बोट से आते जाते हुए।
दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। विभिन्न बैराजों से रोजाना नदी में बल्क मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे तटबंधों पर नदी का दबाव बढ़ गया है। नदी और तटबंध के बीच बसे गांव सुबिका बाबू, आंशिक टेढ़वा बाढ़ के पानी से चौतरफा घिर गए हैं।
बाढ़ के पानी से घिरे सुबिका बाबू में लोगों के आवागमन के लिए प्रशासन ने दो मोटर बोट की व्यवस्था की है। विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती, मोजपुर, अशोकपुर ग्राम पंचायत के सतहा, भुवरिया, बलुईया, आदि गांवों की तरफ बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। विक्रमजोत ब्लॉक का सरयू उस पार स्थित ग्राम पंचायत माझा किता अव्वल भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। इन गांवों में पशु चारे का संकट खड़ा हो गया है।
गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के सामने 500 मीटर की दूरी में नदी का दबाव बना हुआ है। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर गांव से लेकर खलवा गांव तक दबाव बना हुआ है। तटबंध पर संवेदनशील स्थलों की सीसी टीवी से निगरानी लगातार की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शुक्रवार की शाम 6 बजे जलस्तर 93.40 मीटर पर दर्ज किया गया है। यह लाल निशान 92. 730 मीटर से 31 सेंटीमीटर ऊपर है। विभिन्न बैराजों से 339177 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गौरा-सैफाबाद तटबंध के सहायक अभियंता हरिश्चंद्र ने बताया कि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।