जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने महसूस की राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर रविवार की रात से फिर घटने लगा है। नदी लाल निशान से सात सेंटीमीटर नीचे उतर आई है। तटबंध और नदी के बीच बसे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन, तटबंधों पर नदी का दबाव बने रहने से खतरा बरकरार है।
लगातार पांच दिनों तक नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। छठें दिन इसमें गिरावट आनी शुरू हुई है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार सोमवार शाम 4 बजे जलस्तर 92.660 मीटर पर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.730 मीटर से सात सेंटीमीटर नीचे है। अब प्रति घंटे एक सेंटीमीटर सरयू का जलस्तर घट रहा है।
जलस्तर कम होने से कटान का खतरा बढ़ गया है। दस दिनों के भीतर दूसरी बार बाढ से घिरे सुबिका बाबू गांव के लोग मोटर बोट के सहारे अपनी दिनचर्या पूरी कर रहे है। कटरिया- चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर गांव से लेकर खलवा गांव तक पानी का दबाव बना हुआ है।
गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के सामने पांच सौ मीटर में दबाव बना हुआ है। यहां बाढ़ खंड लगातार निगरानी कर रहा है। सभी बाढ चौकियां सक्रिय है। संवेदनशील स्थलों की सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। गौरा-सैफाबाद तटबंध के एसडीओ हरिश्चंद्र ने बताया की जलस्तर घट रहा है। फिलहाल अभी कहीं से कटान होने की सूचना नहीं है।
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बाढ़ प्रभावित गांव सुबिक बाबू पहुंचे डीएम- एसपी
डीएम रवीश गुप्ता एवं एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी सोमवार को ने हर्रैया तहसील के बाढ़ प्रभावित गांव सुबिका बाबू पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों का हाल जाना। उन्हें भरपूर मदद दिए जाने का भरोसा दिलाया। डीएम-एसपी ने संवेदनशील तटबंध-कटरिया चांदपुर का भी स्थलीय निरीक्षण किया। ग्रामीणों से शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में जायजा लिया। यहां गश्त कर रहे कर्मचारियों से भी तटबंध के सुरक्षा को लेकर पूछताछ की। निर्देश दिए तटबंध की निगरानी निरंतर बनी रहनी चाहिए। कटान के दौरान बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जाए।