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संदीप प्रकरण : डूबने से मौत या डुबोकर मार डाला गया था

Thu, 17 Aug 2023 11:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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चाचा की तहरीर पर तीन दोस्तों के खिलाफ दर्ज है हत्या का केस, डूबने से मौत बताकर गिरफ्तारी से परहेज कर रही पुलिस
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-13 जून को कप्तानगंज के कच्चीपुर के संदीप का रवई नदी में मिला था शव
-सवा दो महीने में तीन विवेचक बदले, नतीजा ढाक के तीन पात
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कप्तानगंज के कच्चीपुर निवासी संदीप विश्वकर्मा की मौत पहेली बन गई है। उसकी मौत डूबने से हुई थी या उसे डुबोकर मार डाला गया था, इसको लेकर पीड़ित पक्ष और पुलिस एकमत नहीं हो पा रहे हैं। परिवार के लोग इसे हत्या बताते हुए उसके तीन दोस्तों को गिरफ्तार करके जेल भेजने के लिए मुख्यमंत्री तक से मिल चुके हैं। मगर, पुलिस डूबने से मौत बताकर गिरफ्तारी से फिलहाल बच रही है। असल में पोस्टमार्टम में उसके डूबने से मौत होने की रिपोर्ट आई है। पुलिस की दलील है कि वह अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया और डूब गया। मगर परिवार के लोग डुबोकर हत्या की बात कह रहे हैं। करीब दो महीने के केस को लेकर रस्साकशी चल रही है। दो महीने में दो विवेचक बदले जा चुके हैं, तीसरे के हाथ में फाइल है। लेकिन, नतीजा वही ढाक के तीन पात।
इस केस में कप्तानगंज पुलिस ने संदीप विश्वकर्मा के चाचा बाबूराम की तहरीर पर उसके साथ देखे गए रोहित चौधरी निवासी पैगापुर थाना कप्तानगंज हाल मुकाम डमरूआ थाना कोतवाली, शिवम निवासी डमरूआ थाना कोतवाली बस्ती और उसके एक दोस्त सिद्धार्थ पता अज्ञात के खिलाफ हत्या व शव छिपाने के आरोप में केस दर्ज किया है। आरोप है कि उनमें किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद नहाने के बहाने से उसे नदी के किनारे ले गए। जहां रोहित ने पानी में धक्का दे दिया। उसके गिरने के बाद बाकी दोनों लोगों ने डुबो कर मार डाला। अधिकारियों का कहना है कि केस की निष्पक्ष तफ्तीश कराई जा रही है। पुलिस सारी सच्चाई सामने लाकर रहेगी।
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- यह रहा घटनाक्रम
- 13 जून को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कच्चीपुर (भूपालपुर) गांव के संदीप कुमार विश्वकर्मा (22) का रवई नदी में शव मिला था। उनके चाचा बाबूराम का कहना है कि वह गन्ने की सिंचाई कर रहा था। 11 बजे घर से खाना खाकर खेत में जाने के लिए निकला था। काफी देर तक घर न लौटने पर चाचा ने फोन किया तो संदीप ने बताया कि करचोलिया के पास सांड़ भगाने आया है। दोपहर दो बजे सूचना मिली कि संदीप का शव बघौड़ा गांव के निकट रवई नदी में (ढोढ़रहवा घाट) पर पड़ा है। चरवाहों ने शव निकालकर फोटो वायरल किया। परिवार के लोग और पुलिस पहुंची तो उसकी बाइक घटना स्थल से कुछ दूरी पर खड़ी मिली और बाइक की चाबी और मोबाइल फोन गायब था।

पोस्टमार्टम में हुई थी डूबने की पुष्टि
- पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो उसके आहार नली, पेट और लेंस आदि में पानी व बालू भरा मिला। इस आधार पर पुलिस ने दावा किया कि नहाते समय डूबने से उसकी मौत हुई। मगर, घटना के तीसरे दिन संदीप के परिजनों ने गांव के ही साथ पढ़ने वाले रोहित चौधरी, शिवम और सिद्धार्थ पर संदीप को बुलाकर ले जाने और हत्या करने का आरोप लगाया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि के चलते यह गुत्थी उलझ गई थी।
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परिवार वालों के शक का आधार
- परिवार वालों की दलील है कि जिन दोस्तों के साथ वह देखा गया था, वे सभी संदीप को बहाने से लेकर नदी के किनारे लेकर गए थे। केस के वादी बाबूराम का कहना है कि किसी बात को लेकर उन लोगों में विवाद हुआ था। जिसके कारण वह लोग संदीप को बहाने से रवई नदी के किनारे ले गए। वहां तीनों ने मिलकर उसे डुबोकर मार डाला। अगर ऐसा न होता तो साथ गए दोस्त घटना के बाद चाबी और मोबाइल लेकर घटनास्थल से भागे नहीं होते। उन लोगों ने परिवार के लोगों को सूचना भी नहीं दी।
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साक्ष्य बिना पुलिस के नहीं बढ़ रहे कदम
- अब तक की विवेचना कर चुके विवेचकों का कहना है कि पोस्टमार्टम से लेकर अब तक कोई भी साक्ष्य ऐसा नहीं मिल पा रहा है, जिससे हत्या की पुष्टि हो सके। पोस्टमार्टम में भी डूबने से मौत की पुष्टि हो रही है। परिवार के लोगों की तरफ से कोई गवाह या साक्ष्य नहीं दिया गया है। अभी पिछले हफ्ते छावनी थाने में तैनात किए गए एसओ व मौजूदा विवेचक नरायन लाल श्रीवास्तव के अनुसार निष्पक्ष और प्रामाणिक तफ्तीश की जा रही है।
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