हाईकोर्ट से सशर्त मिली जमानत पर जेल से बाहर है मुख्य आरोपी सच्चिदानंद
न्यायालय से पहले से जारी है गैर जमानती वारंट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आश्रम में साध्वियों के यौन शोषण मामले के आरोपी सच्चिदानंद की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। उसके खिलाफ न्यायालय ने पहले से ही गैर जमानती वारंट जारी कर रखा है। उसकी हाईकोर्ट से मिली जमानत को भी निरस्त करने के लिए प्रार्थनापत्र दे दिया गया है। इस पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने बचाव पक्ष से आपत्ति मांगा है।
छत्तीसगढ़ की पीड़िता की तरफ से जमानत निरस्त करने के प्रार्थनापत्र में न्यायालय को बताया है आरोपी सच्चिदानंद को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत दी गई थी। मगर, वह सभी शर्तों का उल्लंघन कर रहा है। गवाहों को धमकी देने का लालगंज थाने में केस भी दर्ज हुआ है। 29 अप्रैल से लगातार न्यायालय में सुनवाई चल रही है, लेकिन आरोपी सच्चिदानंद व अन्य अभियुक्त न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। जबकि पीड़िताओं को बार-बार आना-जाना पड़ रहा है। केस में सच्चिदानंद की तरफ से सहयोग भी नहीं किया जा रहा है।
बता दें कि केस की अलग फाइल की 25 अप्रैल को सुनवाई के बाद न्यायालय ने भी आदेश में कहा था कि छह अप्रैल से लगातार जिरह चल रही है। इसमें 16 पेज की बहस की गई है। जिरह के दौरान केस के दोनों पक्षों के बीच वाद-विवाद होता रहता है। इससे न्यायिक कार्य बाधित होता है। कहा कि अभियुक्त मामले को जान बूझकर लंबा खींचने के लिए टाल मटोल कर रहे हैं। आंशिक जिरह कर टाल-मटोल किया जा रहा है। साक्षी को प्रतिदिन बुलाकर परेशान किया जा रहा है। ऐसे में अभियुक्तों के हाजिरी माफी प्रार्थनापत्र को खारिज करते हुए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके बावजूद आरोपी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ।
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अधूरी रह गई जिरह, आज भी चलेगी कार्रवाई
केस में बुधवार को पीड़िता की गवाही पर जिरह की गई। जिरह पूरी न होने की दशा में बृहस्पतिवार को तारीख दी गई है। न्यायालय फास्ट ट्रैक काेर्ट प्रथम के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में बृहस्पतिवार को भी जिरह जारी रहेगी। साध्वियों के यौन शोषण व सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी कथित बाबा सच्चिदानंद पर दर्ज मामलों की चार फाइलों में आरोप तय किए जा चुके हैं। बता दें कि दिसंबर 2017 में सच्चिदानंद के अलावा उसके तीन शिष्यों परमचेतानंद, विश्वासानंद, ज्ञान वैराग्यानंद तथा दो मुख्य सेविकाओं पर 2009 से लगातार यौन शोषण व सामूहिक दुष्कर्म का कोतवाली में केस दर्ज किया गया था।