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Basti News: अर्थदंड की शर्त पर सच्चिदानंद को फिर मिला जिरह का मौका

Sat, 29 Jun 2024 03:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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- नौ मई को अदालत ने समाप्त कर दिया था गवाही पर जिरह का अधिकार
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- सच्चिदानंद पर यौन शोषण के केस में चल रहा ट्रायल, सुनवाई आज
संवाद न्यूज एजेंसी

बस्ती। बार-बार चेतावनी और अवसर देने के बावजूद जिरह में दिलचस्पी न दिखाने पर अदालत ने सच्चिदानंद व उसके सहयोगी परमचेतनानंद का जिरह का अवसर समाप्त कर दिया था। दोनों आरोपियों ने पीड़िता की गवाही पर अदालत में जिरह का अधिकार खो दिया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय विजय कुमार कटियार ने शुक्रवार को केस की सुनवाई के दौरान तीन हजार रुपये जुर्माना अदा करने की शर्त पर जिरह का फिर से मौका दिया है। शनिवार को मामले की फिर सुनवाई होगी।

नौ मई को केस की सुनवाई के दौरान सच्चिदानंद और परमचेतनानंद की तरफ से स्थगन प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया था। इसमें कहा गया था कि गवाह से जिरह के लिए आठ तारीखें दी गईं। इस दौरान 14 पेज की जिरह की गई। मगर, अभियुक्त गवाह से मात्र आंशिक जिरह कर रहे हैं। कई बार अदालत की चेतावनी के बावजूद अविलंब जिरह समाप्त नहीं की।
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इस केस में उच्च न्यायालय से शीघ्र निस्तारण और विचारण में सहयोग करने का निर्देश पारित किया गया है। नौ मई को अदालत ने कहा था कि चूंकि सच्चिदानंद एवं परमचेतनानंद को जिरह के लिए पर्याप्त अवसर दिए जा चुके हैं, इसलिए दोनों का जिरह का अवसर समाप्त किया जाता है। अब दोबारा मौका मिलने के बाद शनिवार को फिर जिरह होगी।
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यह है प्रकरण
दिसंबर 2017 में यौन शोषण का मामला तब प्रकाश में आया था, जब आश्रम से कुछ युवतियों को धक्के मारकर निकाल देने का आरोप लगाया था। तत्कालीन एसपी संकल्प शर्मा के निर्देश पर सच्चिदानंद के अलावा उसके तीन शिष्यों परमचेतानंद, विश्वासानंद, ज्ञान वैराग्यानंद और दो मुख्य सेविकाओं पर 2009 से लगातार यौन शोषण व सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया। बाद में झारखंड की ही एक अन्य पीड़िता ने इन्हीं आरोपों में एक और केस दर्ज कराया। सच्चिदानंद और उनके अन्य सहयोगियों पर दर्ज इन चार केस में ट्रायल चल रहा है।
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