रुधौली। दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजे गए रुधौली नगर पंचायत के चेयरमैन धीरसेन निषाद की मंगलवार रात जेल से रिहाई हुई। उच्च न्यायालय से उनकी जमानत मंजूर की गई थी। ढाई महीने के बाद बच्चों और अपनों के बीच पहुंचकर उनकी आंखें नम हो गईं। बाद में खुद को निर्दोष बताते हुए मामले को विरोधियों की साजिश बताया।
जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस अधीक्षक गोपाल कृष्ण चौधरी को प्रार्थनापत्र देकर रुधौली के चेयरमैन धरसेन निषाद पर नौकरी का झांसा देकर दो साल तक दुष्कर्म करते रहने का आरोप लगाया था। उसने चेयरमैन पर अपने करीबी मायाराम पाठक के जरिये महिला को दवा खिलाकर गर्भपात कराने का भी आरोप लगाया था।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रुधौली थाने में धीरसेन निषाद तथा उनके सहयोगी मायाराम पाठक पर 27 अगस्त को दुष्कर्म, एससी एसटी एक्ट तथा साजिश करने की धारा में केस दर्ज कर 30 अगस्त की मध्य रात्रि करीब 12 बजे लखनऊ की तरफ जा रहे रुधौली चेयरमैन को गिरफ्तार कर लिया था। निचली अदालत से जमानत अर्जी नामंजूर होने के बाद हाईकोर्ट में जमानत की अपील की गई थी। 10 नवंबर को उनकी अर्जी मंजूर करते हुए जमानत मंजूर कर लिया गया था।