मरम्मत के इंतजार में जिले की 550 गांवों की सड़कें
पीडब्ल्यूडी ने 144.71 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा
बस्ती। जिले की 840 किमी सड़क बेहद दयनीय दशा में है। इस तथ्य का खुलासा पीडब्ल्यूडी के सर्वे में हुआ है। इसे लेकर विभाग ने कवायद शुरू की है, मगर अब तक का परिणाम शून्य है। करीब एक माह पहले इसके निर्माण के लिए शासन को विभाग ने 144.71 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी भेजा है।
जिले की 550 ग्रामीण सड़कों के विशेष मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी ने 144.71 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इस प्रस्ताव के स्वीकृत होने पर विभिन्न ब्लॉकों की यह गांव की सड़कें दुरुस्त हो जाएंगी और ग्रामीणों को अपने ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय पर पहुंचना आसान हो जाएगा।
फोरलेन, एनएच व अन्य जिला स्तर की सड़कें दुरुस्त होने के बाद अब शासन ने ग्रामीण सड़कों को दुरुस्त करने का फरमान जारी कर दिया है। इसे अमल में लाने के लिए पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड के एक्सईएन केशव लाल ने सहायक अभियंता क्षितिज कुमार पांडेय व धनंजय पांडेय की टीम से जिले की विभिन्न गांवों की सड़कों का सर्वेे कराया गया। जबकि निर्माण खंड एक के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार सिंह ने सहायक अभियंता पंकज कुमार सिंह व प्रियांक मणि त्रिपाठी की टीम ने सर्वे किया। दोनों खंडों की टीम ने कुल 840 किमी सड़कों को विशेष मरम्मत के लिए जरूरी बताया। कुल मिलाकर यह 550 सड़कें उन गांवों के लिए उपयोगी साबित होती हैं, जो प्रमुख बाजारों व मुख्य कार्यालयों तक आवागमन कराती हैं। लिहाजा विभाग ने पूरा स्टीमेट तैयार करवाकर मुख्यालय के जरिए शासन तक भेज दिया है।
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प्रस्ताव स्वीकृत होते ही शुरू होगा निर्माण
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार ने कहा कि दोनों खंडों की टीम के सर्वे में करीब 840 किमी सड़क की विशेष मरम्मत की जरूरत बताई गई है। इन टीमों के सर्वे के आधार पर 144.71 करोड़ रुपये का प्रस्ताव को शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर आदि की प्रक्रिया पूरी कर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।