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Basti News: सड़कें ऊंची, मकान नीचे...बारिश में कैसे होगी जलनिकासी

Sat, 20 May 2023 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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पुरानी बस्ती क्षेत्र के राजा मैदान में भरा बारिश का पानी। फाइल फोटो
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बस्ती। बारिश का मौसम आने वाला है। इस साल भी जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कहीं नहीं हुई है। ऐसे में नरहरिया, राजा मैदान, माली टोला के नागरिक इस बार भी जलभराव का सामना करेंगे। पहली बारिश में ही शहर की गलियां डूब जाती हैं। सड़कों पर घुटने तक पानी लग जाता है। घरों में पानी भर जाने से रहना और चलना दुश्वार हो जाता है।
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वैसे तो पूरे शहर के लोग जलभराव के चलते परेशान होते हैं, लेकिन पुराने मोहल्लों में नागरिकों को ज्यादा सांसत झेलनी पड़ती है। यहां सड़कें ऊंची हो गई हैं और मकान नीचे रह गए हैं। ऐसे में सड़क का पानी घरों में घुस जाता है। बरसात में कई मोहल्लों में लोगों का रहना-खाना तक दुश्वार हो जाता है। राहत के नाम पर नगर पालिका की ओर से कहीं-कहीं पंपिंगसेट लगा दिए जाते हैं, लेकिन समस्या से निजात नहीं मिलती है। इन्हीं दुश्वारियों से हर वर्ष जूझने वाला मोहल्ला नरहरिया, मालीटोला और राजा मैदान भी है। जहां सड़कें और गलियां पहली बारिश में ही डूब जाती हैं।
शहर की जलनिकासी व्यवस्था राम भरोसे हैं। पचास साल पहले नियोजित इस शहर में कुछ खास परिवर्तन नहीं हो पाया। जलनिकासी के लिए बनाए गए उन्हीं पुराने नालों का ही सहारा अब भी है। 25 वार्बाें वाले इस शहर में आबादी बढ़कर लगभग छह गुना हो चुकी है। वार्डवार घरों की संख्या बढ़ गई है। पहले मोहल्लेवार खेत, सीवान, तालाब, गड्ढे थे, अब कालोनियों में तब्दील हो गए हैं। नई बस्ती में जलनिकासी की व्यवस्था तो बिल्कुल नहीं बन पा रही है। कई जगहों पर छोटी नालियों का बड़े नालों से जुड़ाव नहीं है। घरों का गंदा पानी खुले मैदान या सड़क पर एकत्र होता है। बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या लाइलाज बन जाती है।
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नरहरिया में सड़कों पर लगता है पानी
नरहरिया वार्ड में जलनिकासी की समस्या चौतरफा है। यहां नालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बड़े नाले भी जाम पड़े हैं। सिल्ट की सफाई न होने से पानी का बहाव नहीं कर पा रहे हैं। खटिक टोला में जलभराव का संकट सबसे अधिक है। यहां सामान्य दिनों में भी घरों का गंदा पानी नहीं बहता है। पहली बारिश में ही यहां की स्थिति बिगड़ जाती है। नागरिकों का जीना मुहाल रहता है। ऊंचवा टोला में भी जलभराव के चलते घरों से निकलना दूभर रहता है। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं सभी में पानी में घुसकर बाहर निकलना पड़ता है। रानी पोखरा मोहल्ले में भी घरों के सामने सड़क पर पानी लगा रहता है। बरसात झेलना यहां के नागरिकों के लिए चुनौतीपूर्ण रहता है।
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राजा मैदान में बढ़ जाती है समस्या
राजा मैदान क्षेत्र में भी बारिश के दिनों में समस्या बढ़ जाती है। यहां सड़कों का उच्चीकरण होने से बारिश का पानी पुराने घरों में घुस जाता है। लोगों का रहना दुश्वार हो जाता है। बगल में स्थित अनुसूचित आबादी के लोग घरों से निकल नहीं पाते हैं। कीचड़युक्त सड़कों पर चलना मुहाल रहता है। यहां के नागरिक घरों से पैदल निकलते हैं। बारिश के दिनों में वाहन से घर जाने लायक नहीं रहता है। इसलिए उसे अन्यत्र ही खड़ा करना पड़ता है। राजा मैदान में स्थित प्राथमिक विद्यालय में भी पानी भर जाता है। यहां बारिश के दिनों में बच्चों की पढ़ाई लिखाई नहीं हो पाती है।

माली टोला के नागरिक भी रहते हैं परेशान
माली टोला में भी जलनिकासी की व्यवस्था न होने से बारिश के दिनों में परेशानी बढ़ जाती है। यहां के नागरिक सकरी गलियों में पानी में घुसकर आते जाते है। सड़क पर पानी भरने से नाली होने का अंदाजा नहीं लगता है। अनजान लोग वाहन चलाते समय नालियों में गिर जाते हैं। उनके कपड़े तो बदरंग होते ही हैं, लोगों को चोटें भी लग जाती हैं। यहां प्रत्येक नागरिक को जलभराव, कीचड़ का सामना करना पड़ता है।
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नागरिकों ने गिनाईं दुश्वारियां, दिए सुझाव
जब तक जलनिकासी व्यवस्था सुदृढ़ नहीं की जाएगी, समस्या से छुटकारा नहीं मिलेगा। पुरानी बस्ती क्षेत्र के नरहरिया, राजा मैदान एवं अनुसूचित बस्ती में बारिश के समय जाने लायक नहीं होता है। जलभराव के नाते काफी दूर गाड़ी खड़ी करनी पड़ती है। यहां किसी परिचित के घर बच-बचाकर पैदल ही जाना पड़ता है। -रोशन शुक्ल, पांडेय बाजार, बस्ती।

बारिश के दिनों में हम लोगों का मोहल्ले में रहना दुश्वार रहता है। पुराना मकान होने के नाते घर में भी पानी घुस जाता है। सड़क पर तो चलने लायक नहीं रहता। घरों का गंदा पानी और बारिश का पानी सब मिलकर सड़क और खुले मैदान में एकत्र हो जाता है। स्थिति विकट बन जाती है। -गुलशन, राजा मैदान, बस्ती।

शहर को जलभराव की समस्या से निजात दिलाना जरूरी है। हा मोहल्ले में सीवर लाइन की व्यवस्था होनी चाहिए। जलाशयों का संरक्षण किया जाए। इससे भी जलभराव की समस्या दूर होगी। आबादी बढ़ जाने से जलाशयों का अस्तित्व खतरे में हो गया है। पानी के बहाव के लिए कोई जगह नहीं है। -भीम बरगाह, पुरानी बस्ती।
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प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर जलनिकासी व्यवस्था का ठोस उपाय निकालना चाहिए। पक्के नाले का निर्माण कराया जाए। समय-समय पर सफाई हो। नालियों की मरम्मत कराकर उन्हें नालों से कनेक्ट किया जाए। इससे कुछ हद तक समस्या से निजात मिल सकती है। -शिवसागर पांडेय, नरहरिया, बस्ती।

वर्जन-
शहर के प्रमुख नालों के सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है। सीवर लाइन का निर्माण उच्चस्तरीय मामला है। शहर में जलनिकासी की व्यवस्था बनाई गई है। बारिश के दिनों में यदि कहीं जलभराव की समस्या आएगी तो पंपिंग सेट या अन्य व्यवस्था की जाएगी। -दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका परिषद, बस्ती।

पुरानी बस्ती क्षेत्र के राजा मैदान में भरा बारिश का पानी। फाइल फोटो

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