वर्ष भर से शहरियों की परीक्षा ले रही पालिका की सड़कें
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए करीब वर्ष भर पहले नगर पालिका ने पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भेजा था। इस पर शासन की मुहर नहीं लग सकी है। नतीजतन इन पर पालिका कोई काम नहीं करा रही और पीडब्ल्यूडी शासन की संस्तुति का इंतजार कर रहा है।
नगर पालिका ने शहर की बिगड़ी सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए करीब डेढ़ वर्ष पहले सर्वे कराया। सर्वे में यह तथ्य सामने आया कि इस पर करीब बीस करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बाद मामला डीएम के पास पहुंचा तो डीएम ने पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन एक्सईएन को बुलाकर इन सड़कों का हस्तांतरण लेने का निर्देश दिया। इसके बाद पालिका ने शहर के मुख्य मार्गों की सूची बनाकर डीएम की संस्तुति से पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दिया।
पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन एक्सईएन ने सड़क के हस्तांतरण की प्रक्रिया के अनुसार शासन से दिशा निर्देश मांगा, मगर कोई दिशा निर्देश नहीं मिल सका। इसके बाद फिर से डीएम प्रियंका निरंजन ने इस मामले में हस्तक्षेप कर शासन के अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई। इसके बाद नए सिरे से प्रस्ताव बनाकर भेजा गया, मगर वर्ष भर बीत गए यह प्रस्ताव शासन में लटका है।
इन सड़कों का भेज गया प्रस्ताव
नपा की नौ सड़कें जिनका प्रस्ताव भेजा गया है उसमें आचार्य रामचंद्र शुक्ल तिराहा से डीएम आवास होते हुए जेल रोड से कंपनीबाग 2 किमी, पुलिस लाइन डाकबंगला होते हुए कबीर तिराहा एक किमी, बड़ेवन-कंपनीबाग मार्ग सुबाष चौक से बस्ती-कांटे मार्ग नेहरू तिराहा तक मालवीय रोड 2.90 किमी, बस्ती-कांटे मार्ग के रोडवेज तिराहा से दक्षिण दरवाजा होते हुए रेलवे स्टेशन से शुगर मिल मार्ग 3.60 किमी, बड़ेवन-कंपनीबाग मार्ग से रौता चौराहा 1.40 किमी, पुराना डाकखाना से विकास भवन होते हुए कटरा पानी टंकी 1.20 किमी, बड़ेवन-कंपनीबाग मार्ग के तहसील रोड तिराहा से कलक्ट्रेट होते हुए प्रेक्षा गृह एक किमी, एनएच-28 मूड़घाट चौराहा से कटरा तिराहा 500 मी, बस्ती-कांटे मार्ग अस्पताल चौराहा से दक्षिण दरवाजा, मंगल बाजार, करुआ बाबा तिराहा, पांडेय बाजार होते हुए बांसी मार्ग नगर पालिका सीमा तक 2.80 किमी शामिल है।
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पालिका की सड़कों का जो प्रस्ताव भेजा गया है उसके गड्ढे आदि भरवा दिए जाते हैंं। इस मामले में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
- दुर्गेश्वर त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
शासन से अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जब वहां से इन सड़कों के हस्तांतरण की अनुमति मिल जाएगी तो उसका प्रस्ताव बनाकर सड़क का नवीनीकरण कराया जाएगा।
-अवधेश कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड