बस्ती। अयोध्या के चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण के लिए अब प्रक्रिया की शुरूआत हो चुकी है। छह पैकेजों में पांच जिलों तक पहुंचने वाले इस मार्ग पर बस्ती के पैकेज के लिए टेंडर हो चुका है। जल्द ही जिले के 56 गांवों से होकर गुजरने वाले इस परिक्रमा मार्ग का निर्माण शुरू हो जाएगा।
231.858 किमी तक की दूरी तय करने वाले अयोध्या के चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर कुल 2533 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का अनुमान है।
यह है परिक्रमा मार्ग का विस्तार
इसका विस्तार बस्ती जिले में 40.14 किमी, आंबेडकरनगर में 5, अयोध्या में 102.94, बाराबंकी में 16.94 व गोंडा में 66.14 किमी किया जाना है। इसके निर्माण के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के राष्ट्रीय राजमार्ग खंड को दी गई है।
-
दस मीटर चौड़ी बनेगी टूलेन सड़क
पीडब्ल्यूडी एनएच खंड बस्ती के सहायक अभियंता अनिल कुमार नायक के अनुसार बस्ती के पैकेज के लिए कुल 1032 करोड़ रुपये खर्च कर विद पेप्ड सोल्डर टू लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा दोनों तरफ एक-एक मीटर चौड़ी पटरी बनाई जाएगी। पटरियों के बगल ग्रीन बेल्ट होगा, जिस पर परिक्रमा के दौरान श्रद्धालु यात्रा करेंगे।
-
मखौड़ा धाम से शुरू होगा निर्माण
पीडब्ल्यूडी एनएच खंड बस्ती के अधिशासी अभियंता इं. ध्रुव अग्रवाल ने बताया कि जिले के मखौड़ा धाम से चौरासी कोसी परिक्रमा की शुरुआत होती है। जिसके तहत पहले पैकेज में यहीं से निर्माण भी शुरू किया जाएगा। बताया कि मखौड़ा धाम व छावनी से महूघाट, रामबाग व सांड़पुर से सरयू नदी पार कर आंबेडकरनगर के श्रृंगी ऋषि के आश्रम तक के परिक्रमा मार्ग का टेंडर हो चुका है। निर्माण जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
-
परिक्रमा मार्ग की शुरू हुई पैमाइश
84 कोसी परिक्रमा मार्ग की ज्वाइंट मेजेरमेंट सर्वे यानी कि पैमाइश शुरू हो गई है। इस सर्वे में कार्यदायी कंपनी जेसी टेक्नोक्रेट्स प्राइवेट लिमिटेड के इंजीनियर सुधांशु श्रीवास्तव, पीडब्ल्यूडी एनएच खंड की इंजीनियर दिव्या सिंह और विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी गिरीश चंद्र शुक्ल की टीम शामिल है। टीम ने जिले के परशुरामपुर ब्लाक के हैदराबाद क्षेत्र में पहुंच कर परिक्रमा मार्ग की नाप जोख पूरी कर ली है।
-
लेखपालों के जरिए किसानों का एकत्रित किया जा रहा ब्योरा
कार्यदायी संस्था के इंजीनियर सुधांशु श्रीवास्तव ने बताया कि परिक्रमा मार्ग से सटे 56 गांवों में संबंधित लेखपालों के जरिये किसानों से मुलाकात की गई और परिक्रमा मार्ग में आने वाली जमीन की हकीकत जानी गई है। साथ ही संबंधित किसानों की जमीन का राजस्व अभिलेखों से मिलान किया जा रहा है। बताया कि परिक्रमा मार्ग में आने वाली जमीन के स्वामियों का आधार कार्ड व बैंक पासबुक समेत अन्य दस्तावेज लिया गया है ताकि मुआवजे की राशि आसानी से उनके खातों में भेजने की करवाई जा सके।