बस्ती। देश-विदेश जाने की ख्वाहिश लिए यदि आप घर से निकले हैं तो संभलिए जरा! रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही परलोक पहुंचने का खतरा है। हां, यकीन मानिए...। रेलवे स्टेशन पहुंचाने वाली सड़क आपके वाहन को पलटा सकती है। लगभग तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क पर हर किसी की यात्रा जान हथेली पर रखकर पूरी हो रही है। यहां कदम-कदम जाेखिम भरा है। पैदल, रिक्शा, ऑटो, कार, बाइक किसी भी साधन से चलना मुश्किल है। गड्ढे इतने हैं कि आपकी कुशलता के लिए ही भगवान ही मालिक है।
रोडवेज से रेलवे स्टेशन मार्ग पर जर्जर सड़क की दुश्वारी पांच सौ मीटर चलने के बाद ही शुरू हो जा रही है। श्रीकृष्ण पांडेय गर्ल्स इंटर काॅलेज पार करते ही ज्यों-ज्यों आगे बढ़ेंगे खतरा बढ़ता जा रहा है। यहां से दक्षिण दरवाजा चौक तक तो गड्ढों और बिखरी गिट्टियों से किसी तरह बच बचाकर लोग पहुंच जा रहे हैं, इसके बाद की यात्रा जोखिम भरी है। दक्षिण दरवाजा मछली मंडी के सामने यह सड़क कहीं टीले के रूप में है तो कहीं गड्ढे में तब्दील है। वाहनों की स्पीड थम जा रही है। उसमें सवार यात्री हिचकोले खा रहे हैं। इसके बाद पूरी सड़क जर्जर है।
नवीन सब्जी मंडी से रेलवे स्टेशन तक लगभग एक किलोमीटर की लंबाई में इस सड़क का अस्तित्व मिटने के कगार पर है। सड़क में अनेक गड्ढे हैं। बारिश होने से इन दिनों उसमें पानी भी भर गया है। यहां पैदल भी चलने लायक नहीं है। शहरवासी परिवर्तन मार्ग मंगल बाजार की सड़क का सहारा ले रहे हैं, लेकिन देश-विदेश जाने की ख्वाहिश लिए शहर में आने वालों को स्टेशन पहुंचाने के लिए ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा एवं अन्य टैक्सी वाहनों का इस मार्ग से आना-जाना मजबूरी है। गड्ढों में गिरकर इन वाहनों के पलटने का दृश्य अक्सर लोगों के सामने आ रहा है।
स्कूटी से चलने वाली महिलाएं, स्कूली बच्चे, बाइक चलाने वाले उम्रदराज लोग इस सड़क पर चलने से डर रहे हैं। किस गड्ढे में कहां गिर जाए कुछ भी भरोसा नहीं है।
शुक्रवार का वाकया है रेलवे स्टेशन से बमुश्किल चार सौ मीटर दूर एक बड़े होटल के सामने पानी भरे गड्ढे में एक ऑटो फंस गया। तभी एक महिला बाइक से आ गई। उन्हें लगा कि साइड से निकल जाएंगे। स्कूटी आगे बढ़ा ली। स्कूटी का अगला पहिया मेडगार्ड तक एक बड़े गड्ढे में चला गया। मैडम चिल्लाते हुए बोलीं...अरे मम्मी, अब गिर जाएंगे। बहरहाल पैर कीचड़ में रखकर किसी तरह वह संभल गईं। ऑटो निकलने के बाद जब इस मझधार को पार किया तब उनकी जान में जान आई।
माेनू ने बताई आंखो देखी घटना
शहर के मोनू शुक्ल ने इस सड़क का डरावना किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को शाम चार बजे के लगभग सवारी से भरा एक ऑटो इस मार्ग पर सब्जी मंडी के सामने गड्ढे की वजह से पलट गया। उसमें बैठे कुछ यात्रियों को हल्की चोंटें आई। मगर एक यात्री के सिर में गंभीर चोट लग गई। उसके मुंह और नॉक से खून बहने लगा। बाद में कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने उसे अस्पताल भेजवाया। ऑटो भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।
नगर पालिका के पास मरम्मत कराने को धन नहीं
यह सड़क नगर पालिका परिषद के अधीन है। नगर पालिका के पास मरम्मत कराने के लिए धन ही उपलब्ध नहीं है। वर्षों से यह सड़क खस्ताहाल है। जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक आला अफसर भी चुप्पी साधे हुए हैं। कुल मिलाकर खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
रोडवेज-रेलवे स्टेशन मार्ग को पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलने की देरी है। नगर पालिका के पास इतना बजट नहीं है कि सड़क का मरम्मत कार्य कराया जा सके।
-दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका परिषद।