बस्ती। शहर में दो साल से अंडरग्राउंड गैस पाइप लाइन बिछाने के बहाने सड़क की पटरियों को खोदकर छोड़ दिया गया है। पाइप डालने के बाद उसके ऊपर सिर्फ मिट्टी डाल दी गई। बारिश हुई तो जगह-जगह पटरी धंस गई है। सड़क के किनारे गड्ढे बन गए हैं।
इसका खामियाजा राहगीर और पटरी के दुकानदार भुगत रहे हैं। लोगों को गड्ढों से होकर आना-जाना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर इंटरलॉकिंग पटरियां भी उखड़ी हुई हैं। जिनकी मरम्मत नहीं कराई गई है।
शहरी क्षेत्र में किसी कार्यदायी एजेंसी या निर्माण कंपनी द्वारा पटरियों के नीचे पाइप लाइन डालने या अन्य तरह के निर्माण कार्य के लिए नगर पालिका परिषद से अनुमति लेनी अनिवार्य होती है। यहां निर्माण के दौरान सड़क, फुटपाथ आदि पर हुए नुकसान की भरपाई संबंधित निर्माण कंपनी द्वारा किए जाने का करार होता है। इसके बाद निर्माण करने की छूट मिलती है। मगर यह शर्तनामा सिर्फ कागजी कोरम बनकर रह गया है।
शहर के मालवीय मार्ग, रोडवेज, स्टेशन रोड, कोतवाली रोड, जिगिना रोड आदि मार्गों पर लगभग 40 किलोमीटर की लंबाई में टोरंटो गैस कंपनी की ओर से मुख्य पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। पिकौरा दत्तूराय, गांवगोड़िया, शिवाकालोनी, मुरलीजोत आदि कुछ मोहल्लों में उपभोक्ता भी बनाए गए हैं। जिनके घरों में गैस की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। टोरंटो का निर्माण कार्य लगभग अंतिम चरण में है, लेकिन शहर में सड़क के किनारे खोदी गई पटरियों को पहले की तरह दुरुस्त नहीं किया गया है। नगर पालिका भी अपने शर्तनामा के अनुसार पटरियों की क्षतिपूर्ति नहीं करा पा रही है।
गायत्री मंदिर के पास बन गए हैं गड्ढे
गायत्री मंदिर गेट के पास सड़क के किनारे अभी एक माह पहले टोरंटो गैस की पाइप लाइन का कार्य चल रहा था। यहां सेफ्टी यार्ड बनाकर पटरी खोदकर गहरा गड्ढा किया गया था। कार्य पूरा होने के बाद वहीं मिट्टी पाटकर जिम्मेदार चलते बने। इधर बारिश होने पर मिट्टी धंस गई और पटरी गड्ढों में तब्दील हो गई। अब यहां लोगों की दुकानदारी नहीं चल पा रही है। पटरी में बने गड्ढों से होकर दुकानों पर जाने से ग्राहक परहेज कर रहे हैं। वहीं यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है, जबकि नगर पालिका की ओर से यहां इंटरलॉकिंग पटरी बनाई गई थी, जिसकी मरम्मत नहीं कराई गई है।
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मालवीय मार्ग पर कई जगह पटरियों की स्थिति खराब
मालवीय मार्ग पर टोरंटो गैस पाइप लाइन बिछाने के कारण कई जगहों पर पटरियों की स्थिति खराब हो गई है। श्री शनेश्वर मंदिर के पास गैस का जंक्शन बनाने के चक्कर में इंटरलॉकिंग टाइल उजाड़कर खोद डाली गई। कार्य पूरा होने के बाद वहां केवल मिट्टी पाटकर छोड़ दिया गया है। बारिश के बाद यहां पटरी धंसकर गड्ढे में तब्दील हो गई है। बादशाह मोड़ के पास भी यही हाल है। पटरी क्षतिग्रस्त छोड़ दी गई है। राहगीरों को आने जाने में कठिनाई हो रही है। बैरहिवा, रंजीत चौराहा, ब्राह्मण महासभा के सामने भी सड़क के किनारे खोदाई होने से गड्ढा बना हुआ है। इसी तरह रोडवेज से कोतवाली होते हुए जिगिना चौराहे तक जगह-जगह सड़क के किनारे पटरिया धंसी पड़ी हैं।
रोडवेज गायत्री मंदिर गेट के बगल स्थित दुकान के मालिक सुग्रीव, नरसिंह, बबलू ने कहा कि दुकान के सामने गैस पाइप लाइन बिछाने के दौरान पटरी पर गड्ढा खोदा गया। निर्माण कार्य के दौरान कई महीने तक हमारी दुकानदारी चौपट रही। कार्य समाप्त होने के बाद भी हमें सुकून नहीं मिला। पटरी की ठीक से मरम्मत नहीं की गई। बारिश में पाटी गई मिट्टी धंस गई है। ग्राहक दुकान पर आने से परहेज कर रहे हैं। सुधीर कुमार ने बताया कि रौता चौराहा के पास पटरी में बने गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। बड़े वाहनों की आवाजाही में छोटे वाहनों को कभी पटरी का सहारा लेना पड़ता है। मगर पटरी पर जाने लायक नहीं है, जिससे जाम लग रहा है।
प्रकरण जानकारी में नहीं है। यदि ऐसा है तो जिन जगहों पर सड़क की पटरियां क्षतिग्रस्त हालत में छोड़ी गई हैं, उन्हें चिह्नित कर संबंधित निर्माण कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा। उनसे दोबारा मरम्मत कराई जाएगी।
-दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका परिषद।