दुबौलिया क्षेत्र के कटरिया चाँदपुर तटबंध के पास सरयू नदी कर रही कटान।
दुबौलिया/बस्ती। सरयू का जलस्तर रविवार से फिर बढ़ने लगा है। सोमवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान बिंदु के बिल्कुल करीब पहुंच गया। कुछ जगहों पर कटान भी शुरू हो गई है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार खतरा बिंदु 92.73 मीटर से महज 19 सेंटीमीटर नीचे 92.54 मीटर पर नदी प्रवाहित हो रही है। जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। ग्रामीण दहशत में है।
सरयू नदी एक बार फिर उछाल मार रही है। दो दिनों से नदी के जलस्तर में मध्यम गति से इजाफा हो रहा है। नदी का दायरा माझा क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। खुले मैदानों में पानी फैल रहा है। नदी व तटबंध के बीच बसे एक दर्जन गांवों के नागरिकों को बाढ़ की चिंता फिर से सताने लगी है। कटरिया- चांदपुर तटबंध के कटरिया गांव के सामने बने ठोकर नंबर एक पर दबाव बढ़ गया है। यहां बाढ़ खंड ने निगरानी बढ़ा दी है। इसी ठोकर के पूरब तरफ कटान भी हो रही है। कृषि योग्य जमीन सरयू की धारा में विलीन होने लगी है।
माझा देवारागंगबरार में प्रवाहित हो रही दूसरी सोती में भी कटान हो रही है, जिससे कृषि योग्य जमीनें लगातार सोती में विलीन हो रही है। वहीं सुविकाबाबू गांव और रास्ते की तरफ पानी तेजी से फैल रहा है। कटरिया- चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर गांव से लेकर खलवा गांव तक तटबंध पर दबाव बढ़ गया है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा से लेकर दलपतपुर गांव के सामने तक करीब पांच सौ मीटर की दूरी तक दबाव बना हुआ है। माझा क्षेत्र में बढ़ते जलस्तर व हल्की बारिश से मवेशियों के लिए पशु चारे का संकट गहराने लगा है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। सभी बाढ़ चौकी सक्रिय है। तटबंधों पर लगातार निगरानी की जा रही है।