चारों तहसीलों में सर्वर डाउन होने से बढ़ी समस्या, व्हाट्सएप ग्रुप में रोज हो रही शिकायत
अधिकारी भी नहीं कर पा रहे समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। तहसीलों में राजस्व परिषद की ऑनलाइन व्यवस्था लड़खड़ा गई है। कभी विभागीय वेबसाइट नहीं खुल रही है तो कभी ऑनलाइन कार्यों को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। सर्वर डाउन रहने की समस्या अक्सर बनी रहती है। इसकी वजह से खतौनी नहीं निकल पा रही है। मुकदमों से संबंधित फीडिंग कार्य भी ठप हैं। तहसीलों का डिजिटिलाइजेशन होने के चलते विभिन्न पटलों पर फाइलों का मोटा पुलिंदा लगा है। कर्मचारी सर्वर न चलने की दुहाई देकर ऑनलाइन फीडिंग से हाथ खड़े कर दे रहे हैं।
आजकल राजस्व विभाग में जरूरी से जरूरी काम निपटाना भी कठिन हो गया है। एक तरफ अधिवक्ताओं की हड़ताल चल रही है तो दूसरी ओर महीनों से ऑनलाइन सिस्टम दगा दे रहा है। विभाग की आंतरिक कार्यप्रणाली ठप होने के कगार पर है। मुकदमों के आदेश पत्र फाइलों में धूल फांक रहे हैं। सर्वर न चलने से यह ऑनलाइन अपडेट नहीं हो पा रहे हैं। खारिज दाखिल, वरासत, आय, जाति, निवास जैसे जरूरी कार्य भी समय से नहीं हो पा रहे हैं।
तहसीलों में पटल-पटल फरियादियों की भीड़ जुट रही है। सुबह 9 से एक बजे तक कुछ हद तक सर्वर काम कर रहा है। इसी अवधि में खतौनी निकल पा रही है। इसके बाद काउंटर बंद हो जा रहे हैं। अन्य तरह के डाटा फीडिंग के कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं।
उधर, राजस्व परिषद के विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप पर कर्मचारी और अधिकारी सभी जुड़े हुए हैं। जिस पर विभिन्न तहसीलों से कर्मचारी और अधिकारी सर्वर न चलने का मैसेज पोस्ट कर रहे हैं। मगर, इसका स्थायी निदान अधिकारियाें के पास भी नहीं है। प्रदेश मुख्यालय से ही इस समस्या का समाधान निकलने की बात कहकर हर कोई पल्ला झाड़ ले रहा है।
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नहीं हुए दो हजार से अधिक खारिज दाखिल
सदर, भानपुर, रुधौली और हर्रैया तहसील में मिलाकर दो हजार से अधिक खारिज दाखिल के मामले सर्वर डाउन होने से लंबित हैं। इन पत्रावलियों पर आदेश किए जाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। केवल ऑनलाइन फीडिंग बचा है। मगर, बड़े मुश्किल से दिनभर में पांच से दस की संख्या में ही फीडिंग हो पा रही है। बस्ती सदर तहसील में इस तरह के 600 से अधिक मामले लंबित हैं। भानुपर में 400, रुधौली में 500 और हर्रैया में 500 से अधिक मामले लंबित है।
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खतौनी न निकलने से अन्य कार्य प्रभावित
वरासत एवं जमीन संबंधी अन्य मुकदमों में सत्यापित खतौनी अनिवार्य होती है। मगर, तहसीलों से खतौनी जारी न होने के कारण फरियादियों को परेशान होना पड़ रहा है। खतौनी निकालने में चार से पांच दिन लग जा रहे हैं। नगर क्षेत्र के केशवराम ने बताया कि तीन दिन से लगातार खतौनी के लिए तहसील आ रहे हैं। मंगलवार को सुबह 9 बजे जब आकर लाइन में लगे है तब जाकर खतौनी मिल पाई। कुदरहा के प्रवीण कुमार पहुंचे तो एक बज चुका था। उन्हें सर्वर नहीं चल रहा है का हवाला देकर दूसरे दिन बुलाया गया।
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कोट
परिषद की वेबसाइट न चलने की समस्या संज्ञान में है। इस वजह से कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। मगर, सर्वर की समस्या सभी जनपदों में है। राज्य स्तर से ही इसका निदान संभव है।
-गुलाब चंद्र, एसडीएम सदर