सच्चिदानंद प्रकरण : जनपद न्यायाधीश ने फास्ट ट्रैक कोर्ट से मांगी रिपोर्ट
प्रार्थनापत्र लंबित होने की वजह से नहीं हो सकी जिरह, छह मई को अगली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सच्चिदानंद केस में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया, जब आरोपियों की तरफ से केस दूसरी अदालत में स्थानांतरण के लिए प्रार्थनापत्र दे दिया। आरोपी न्यायालय में उपस्थित भी नहीं हुए, जबकि उनके खिलाफ पिछली तारीख पर गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। ऐसे में न्यायालय ने गवाही पर जिरह न करते हुए अगली सुनवाई छह मई को करने की तारीख दे दी है।
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में शुक्रवार को पीड़िता की गवाही पर जिरह होनी थी। इसमें आरोपी पक्ष की तरफ से जनपद न्यायालय में केस को दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने का प्रार्थनापत्र दिया गया, जिस पर जनपद न्यायाधीश ने रिपोर्ट मांगी है। चूंकि जनपद न्यायाधीश स्तर से कोई आदेश-निर्देश जारी नहीं किया, ऐसे में जिरह की कार्रवाई नहीं हुई।
बता दें कि साध्वियों के यौन शोषण व सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में कथित बाबा सच्चिदानंद व उसके अन्य सहयोगियों पर दर्ज दो मामलों की चार फाइलों में आरोप तय किए जा चुके हैं। इसमें पीड़िताओं का 12 मार्च से बयान कराया जा रहा है। तब से अवकाश छोड़कर ज्यादातर कार्य दिवस में जिरह की कार्रवाई चल रही है। एक पीड़िता की गवाही जिरह पूरी हो चुकी है। दूसरी पीड़िता की गवाही पर जिरह चल रही है। जिसके लिए बृहस्पतिवार को तारीख तय की गई थी। मगर न्यायालय में कंडोलेंस होने के कारण शुक्रवार की तारीख दी गई थी।