बस्ती। सरयू नदी अब उफना रही है। बृहस्पतिवार को नदी कटरिया-चांदपुर तटबंध से सटकर बहने लगी है। लगभग एक किलोमीटर की लंबाई में नदी का दबाव इस तटबंध पर पड़ने लगा है। जलस्तर बढ़ने के साथ नदी के समीपवर्ती ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ गई है। कुछ गांवों की खेती, किसानी भी चौपट होने लगी है। सब्जियों के खेत में पानी लग गया है। इधर, बारिश शुरू होने से तटबंधों पर चल रहा बाढ़ खंड का मरम्मत कार्य बाधित हो गया। कटरिया-चांदपुर और गौरा-सैफाबाद तटबंध के मरम्मत का कार्य बृहस्पतिवार को लगभग ठप रहा।
दुबौलिया क्षेत्र के अतिसंवेदनशील कटरिया-चांदपुर तटबंध पर एक किलोमीटर तक सरयू नदी सटकर बह रही है। जलस्तर बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह नदी का जलस्तर 90.750 मीटर दर्ज हुआ है। हालांकि यह अभी खतरे के निशान से नीचे है। लेकिन पानी का बहाव तेज हो गया है। नदी वृहद आकार लेना शुरू कर दी है। इधर तटबंधों का मरम्मत कार्य अभी भी पूरा नहीं है। नदी का स्वरूप बढ़ता देख विभाग के भी हाथ-पांव फूलने लगे हैं। इधर, बारिश शुरू होने से तटबंधों पर मरम्मत कार्य की गति बेहद धीमी हो गई। यही हाल रहा तो दो-चार दिन बाद मरम्मत कार्य पूरी तरह ठप हो जाएगा। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर दोपहर बाद बारिश होने से मरम्मत का कार्य कुछ देर के लिए ठप करना पड़ा। इस तटबंध पर मोजपुर गांव के सामने निर्माणाधीन ठोकर पर अभी सिर्फ नोज पर ही पत्थर बिछाए गए हैं। मिट्टी का कार्य अभी शेष है। बारिश यदि लगातार हुई तो मिट्टी का कार्य पूरा नहीं हो पाएगा। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर पानी का दबाव करीब एक किलोमीटर में बना हुआ है। बाढ़खंड तटबंधों की निगरानी में जुट गया है। जहां भी कटान की आशंका है, वहां बचाव कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं कराया जाता है। बाढ़ के समय ही बोल्डर, पत्थर के साथ मजूदरों की टीम उतारी जाती है। जिससे तटबंधों की सुरक्षा ठीक ढंग से नहीं हो पाती है।
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पारा गांव में डूब गई सब्जी की फसल
दुबौलिया क्षेत्र के पारा गांव में सब्जी की फसल डूब गई है। यहां नदी का पानी खेतों तक आ गया है। किसान अपनी आंखों से फसल बर्बाद होते देख रहे हैं। रामसमुझ ने बताया कि इस बार परवल एवं अन्य हरी सब्जियों की पैदावार अच्छा मुनाफा कमाने की ख्वाहिश थी। मगर नदी का जलस्तर बढ़ते ही इस पर पानी फिर गया। वहीं तटबंध और नदी के बीच बसे सुविखाबाबू, टकटकटवा, टेढ़वा, अनुसूचित टोला के नागरिकों की चिंता बाढ़ को लेकर बढ़ गई है। यदि पिछले वर्ष की तरह नदी उफान पर आई तो इन्हें फिर गांव से पलायन कर शरणार्थी बनना पड़ेगा।
गौरा-सैफाबाद तटबंध के मोजपुर ठोकर का निर्माण हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। अभी ज्यादा बारिश नहीं हुई है इसलिए मरम्मत कार्य बहुत हद तक प्रभावित नहीं है। तटबंधों की सुरक्षा के लिए सभी परियोजनाएं पूरी कर ली जाएगी। -हरिश्चंद्र, एसडीओ, बाढ़खंड।