मरम्मत न होने से लगातार हो रहे हादसे, अधिकारी मौन
शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक की प्रमुख सड़कों पर गड्ढे
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले की सड़कों की हाल बेहद खराब है। दुबौला-पचपेड़वा मार्ग जैसी कुछ सड़कों पर बेशुमार गड्ढे हैं। इन पर संभलकर नहीं चले तो आप मंजिल की जगह अस्पताल पहुंच सकते हैं। गली-मोहल्लों की बात छोड़िए, मुख्य मार्गों पर भी गड्ढों की भरमार है।
शहर के मालवीय रोड जैसे भीड़भाड़ वाली सड़कों की पैचिंग नहीं कराई जा रही है। फव्वारा चौराहे से लेकर रौता चौराहे तक करीब 400 मीटर में 50 से अधिक गड्ढे हैं। जब शहर के मार्ग का यह हाल है तो ग्रामीण इलाकों की दशा समझी जा सकती है। रविवार को ग्रामीण इलाकों के कुछ मार्गों का हाल जाना गया तो तमाम मार्गों व पटरियों पर खतरनाक गड्ढे दिखे। इनकी वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं।
बनकटी क्षेत्र के देईसांड-बानपुर मार्ग को जोड़ने दुबौली कला की सड़क पर स्थित दो पुलिया बीच से टूट चुकी है। पुलिया टूटी होने का संकेत भी नहीं लगा है। इससे मार्ग पर पहली बार आने वाले राहगीर अक्सर चोटिल होते हैं। 10 दिसंबर को बहादुरपुर के मोहम्मद अली रिश्तेदारी में जा रहे थे, तभी उनकी बाइक पुलिया के गड्ढे में गिर गई। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
...
जोखिम भरा हो सकता है वाल्टरगंज से बभनान का सफर
वाल्टरगंज से बभनान मार्ग का निर्माण हुए करीब चार साल हो गया। इस मार्ग पर जगह-जगह पटरियों पर रेनकट के कारण गड्ढे बने हुए हैं। इसमें आए दिन कोई न कोई गिरकर चोटिल हो रहा है। टिनिच से शिवाघाट पुल तक का सफर बेहद खतरनाक है। मार्ग से सटे पटरियों के गड्ढों में गिरकर आए दिन कोई न कोई हादसे का शिकार हो रहा है। 12 दिसंबर को बेतौहा गांव के पास गड्ढे में गिरने से गोंडा के खोड़ारे निवासी राम आसरे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
...
कोट
सभी सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए योजना बन गई है। जिसे शासन को भेजा जा चुका है। जैसे-जैसे वहां से धनावंटन हो रहा है। कार्य कराया जा रहा है। इन मार्गों को भी दुरुस्त करा दिया जाएगा।
इ्रं. अवधेश कुमार, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड