बस्ती/गौर। किशोरी से दरिंदगी के मुख्य आरोपी भाजपा नेता कुंदन सिंह के घर पर बुलडोजर चलना लगभग तय है। बृहस्पतिवार को राजस्व विभाग की पैमाइश में कुंदन के घर का बड़ा हिस्सा चकमार्ग में पाया गया। बाकी हिस्सा बैनामे की भूमि पर बना है। राजस्व की टीमें अब बैनामे के अभिलेख और चौहद्दी की जांच करेंगी।
किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी भाजपा नेता कुंदन सिंह के घर की बृहस्पतिवार को कानूनगो दिनेश उपाध्याय, हल्का लेखपाल उदय प्रताप, अख्तर आलम, जवाहर विक्रम यादव, धर्मेंद्र यादव की टीम ने पैमाइश की। मकान के पीछे चक मार्ग का सत्यापन किया गया। राजस्व टीम के अनुसार, करीब ढाई मीटर चौड़ा व सात मीटर लंबा हिस्सा चकमार्ग का पाया गया है। जिसे बैनामे की जमीन के बाद कब्जा करके मकान बना लिया गया। बैनामा के अभिलेखों का सत्यापन कराए जाने की बात सामने आ रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी कुंदन सिंह का मकान गाटा संख्या 9 में बना हुआ है। जिसका रकबा 0.041 हेक्टेयर है, जबकि मौके पर 0.067 की सीट बनी हुई है, जिसमें अन्य मकान भी हैं। बैनामा के अभिलेखों में चौहद्दी आदि के सत्यापन के बाद अवैध कब्जे की पूरी स्थिति साफ होगी। एसडीएम हर्रैया गुलाब चंद्र ने बताया कि एक दो दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। अवैध कब्जे वाली जमीन पर बना मकान ध्वस्त कराया जाएगा। पीड़ित परिवार और क्षेत्र के लोगों ने उस मकान को अवैध जमीन में बना बताते हुए ध्वस्त कराने की मांग की थी।
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दरिंदगी की शिकार किशोरी के शव का तीसरे दिन किया गया अंतिम संस्कार
सोमवार रात घर से एक किलोमीटर दूर मिला था किशोरी का शव
बस्ती। दरिंदगी की शिकार किशोरी का अंतिम संस्कार तीसरे दिन बृहस्पतिवार की सुबह किया गया। भारी संख्या में गांव व क्षेत्र के लोगों और पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में बिसुही नदी के बेलवरिया जंगल घाट पर शव को मिट्टी में दफन किया गया।
इस दौरान परिवार वालों को रोते-बिलखते देख लोगों की आंखें नम हो गईं। सबके चेहरे पर घटना को लेकर आक्रोश था। एहतियातन पीड़ित के घर पुलिस तैनात कर दी गई है। गांव में तनाव भरी शांति कायम है।
अंतिम संस्कार के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय विद्यार्थी, सपा नेता पूर्व ब्लाक प्रमुख गौर अरविंद सिंह, जिला पंचायत सदस्य शंकर यादव, भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि दिग्विजय सिंह राना, किसान नेता बंधु चौधरी, प्रधान अशर्फी लाल यादव प्रभारी निरीक्षक गौर विजेंद्र पटेल सहित क्षेत्र के भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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पुलिस बनना चाहती थी बिटिया
- दरिंदगी की शिकार हुई बिटिया की बड़ी बहन बृहस्पतिवार को मुंबई से घर पहुंची। उसने बताया कि उसकी छोटी बहन परिवार की लाडली थी। वह बहन को पुलिस में भर्ती कराना चाहती थी। इसकी तैयारी के लिए वह कुछ वर्ष बाद उसे मुंबई ले जाती। मगर दरिंदों ने सारा सपना चकनाचूर कर दिया। रो-रोकर बेहाल हो चुकी मां ने कहा कि उसके कलेजे को ठंडक तब तब नहीं मिलेगी, जब तक दरिंदों को फांसी नहीं होगी। वहीं, पिता कहते हैं कि पुलिस मामूली से मामूली मामलों में एनकाउंटर कर देती है, लेकिन इतने बड़े मामले में गिरफ्तारी करके जेल भेज दिए। सब खानापूरी है।
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यह है मामला
- घर से सब्जी लाने निकली गौर थानाक्षेत्र की 14 वर्षीय किशोरी का एक किलोमीटर दूर सोमवार रात खून से लथपथ शव मिला था। सूचना पर पहुंचे परिवार के लोग जिंदा होने की उम्मीद में पास के एक निजी डाॅक्टर के पास ले गए, लेकिन डाॅक्टर ने बताया कि उसकी करीब घंटे भर पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद परिवार के लोग शव लेकर घर चले गए। तब तक स्पष्ट नहीं हुआ था कि किशोरी के साथ दरिंदगी हुई है। परिवार के लोगों को आशंका थी कि उसके साथ अनहोनी हुई है, लेकिन तहरीर में तीन लोगों को नामजद करते हुए हत्या की बात लिखकर दी। मां की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम में अप्राकृतिक दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने केस में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो की धारा को शामिल किया।
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नाबालिग निकला एक आरोपी, दो भेजे गए जेल
- दरिंदगी की घटना में शामिल एक आरोपी नाबालिग बताया जा रहा है। विवेचक ब्रिजेंद्र प्रसाद पटेल ने बताया कि कछिया थाना गौर निवासी कुंदन सिंह व राजन निषाद को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट डॉ. अमित वर्मा की अदालत में पेश किया गया। दोनों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया है। जबकि तीसरे आरोपी के बाल अपचारी होने के कारण किशोर न्याय बोर्ड की न्यायाधीश सोनाली मिश्रा की अदालत में पेश किया गया। उसे भी 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया। तीनों की अगली पेशी 21 जून को होगी।
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पूछताछ की जानकारी देने से बचती रही पुलिस
इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली इस घटना में पुलिस का रवैया शुरू से ही ढुलमुल रहा। संबंध बनाने के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होने से मौत होने का आधिकारिक बयान देने के बावजूद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। इसके पीछे तहरीर का हवाला दिया गया। घटना के कुछ घंटे बाद ही एक आरोपी को पकड़ लेने के बाद भी उससे पूछताछ की जानकारी पुलिस छिपाती रही। दूसरे आरोपी राजन की गिरफ्तारी होने के बावजूद परिवार और मीडिया से इसे साझा नहीं किया। कुंदन सिंह को कहां से गिरफ्तार किया गया,उसे किसने संरक्षण दिया आदि सवालों को पुलिस टालती रही। यहां तक कि तीनों आरोपियों से पूछताछ का ब्योरा भी नहीं बताया गया।
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पीड़ित परिवार को मिले एक करोड़ का मुआवजा
- आम आदमी पार्टी की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नीलाम यादव बृहस्पतिवार को घटनास्थल पर पहुंची। घटना की फास्टट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर दोषियों को फांसी की सजा दिलाए जाने और पीड़ित परिवार को सरकार की तरफ से एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाने की मांग की। नीलम यादव पीड़िता के घर पहुंचीं और परिवार को ढांढस बंधाया।
किशोरी से दरिंदगी का आरोपी भाजपा नेता कुंदन सिंह।
किशोरी से दरिंदगी का आरोपी भाजपा नेता कुंदन सिंह।
किशोरी से दरिंदगी का आरोपी भाजपा नेता कुंदन सिंह।
किशोरी से दरिंदगी का आरोपी भाजपा नेता कुंदन सिंह।