बस्ती जिले में कप्तानगंज चौराहे के निकट सड़क हादसे में हुई रामजी की मौत से उसका कुनबा बिखर गया है। चार बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया। भांजे डब्लू उर्फ कृष्णा का भी कोई खेवनहार नहीं बचा। दिवंगत के परिवार में पत्नी रामा देवी और चार बेटियां हैं। बड़ी बेटी मुस्कान (18 ), दूसरी बेटी श्रद्धा (14), तीसरी बेटी आरती (12) और सबसे छोटी बेटी किंजल छह वर्ष की है।
वह चार भइयों में दूसरे नंबर के थे। चारों भाई अलग-अलग रहते हैं। रामजी के साथ उनका अनाथ भांजा कृष्णा उर्फ डब्लू रहता था। डब्लू के भरण-पोषण और पढ़ाई का खर्च रामजी गुप्ता ही उठाते थे। रामजी गुप्ता की मौत से पूरे परिवार पर रोटी का संकट आ गया है। सभी बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
पैकोलिया थाना क्षेत्र बेलघाट बाजार के रहने वाले रामजी गुप्ता का परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। खेती भी नाम मात्र है। किसी तरह से परिवार का गुजारा होता था। परिवार की गरीबी मिटाने के लिए आठ माह पहले कर्ज लेकर रामजी गुप्ता दुबई गए थे। एक माह पहले सितंबर में उनकी माता कैलाशपति की मौत की सूचना पर उन्हें दुबई से घर आना पड़ा।
16 सितंबर को माता की तेरहवीं थी। सब कुछ निपटाने के बाद वह नवरात्र में फिर दुबई जाने की तैयारी में थे, लेकिन दुर्घटना से पल भर में ही सबके सामने संकट आ गया। मुखिया की मौत से सभी बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। अब इन बेटियों की शादी और पढ़ाई के साथ-साथ पूरे परिवार का गुजारा कैसे होगा यह सबकी जुबान पर था। परिजनों की चीख से सबका कलेजा फट रहा था।