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Basti News: बारिश का झटका... 20 करोड़ का कारोबार प्रभावित

Sun, 29 Sep 2024 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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गांधीनगर और पुरानी बस्ती क्षेत्र में दिखा सन्नाटा
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फुटपाथ कारोबारी घरों में दुबके, बड़े प्रतिष्ठानों पर भी ग्राहक नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बारिश की वजह से व्यवसाय को भी तगड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को पूरे दिन और शनिवार को आधे दिन तक लगातार बारिश हुई। इस वजह से थोक एवं फुटकर सभी तरह के कारोबार प्रभावित हुए हैं। रोज कमाकर खाने वाले मजदूर तबका की स्थिति और खराब हो गई है। दो दिन से उन्हें काम नहीं मिल पा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, निजी क्षेत्र के कारोबार को 20 से 25 करोड़ का झटका दो दिनों में लगा है।
पितृपक्ष की वजह से वैसे ही कारोबार मंदा हो चल रहा था। इधर, भीषण बारिश ने रही-सही कसर पूरी कर दी है। गांधीनगर बाजार में शुक्रवार और शनिवार दोदिन सन्नाटा छाया हुआ था। फुटकर कारोबारी बाजार से गायब थे। लगातार बारिश की वजह से चाट-खोंचे, छोले-भटूरे, आइसक्रीम, पूरी-सब्जी आदि के ठेले नहीं लगे। सामान्य दिनों की अपेक्षा बाजार में चहल-पहल न के बराबर रही।
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कुछ बड़े प्रतिष्ठान खुले तो बारिश की वजह से न तो ग्राहक आए और न ही पर्याप्त कर्मचारी पहुंचे। कपड़ा के कारोबारी प्रहलाद मोदी ने बताया कि बारिश की वजह से बिक्री प्रभावित हो गई है। जहां रोजाना बिक्री का अनुपात 20 से 25 हजार था, वहां इस समय घटकर हजार-पांच सौ में आ गई है। सर्राफा व्यवसायी मनीष कुमार ने बताया कि पितृपक्ष की वजह से सोने-चांदी का कारोबार पहले से मंदा चल रहा है। इधर बारिश ने और कमर तोड़ दी है। हल्की-फुल्की बिक्री भी बंद हो गई है।
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अधिकतर रेस्टोरेंट और जलपान की दुकानें बंद
शहर में संचालित अधिकतर रेस्टोरेंट और जलपान की दुकानें बंद रहीं। बारिश की वजह से कारीगर नहीं पहुंचे और आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति भी नहीं हो पाई। इस वजह से छोटे कारोबारियों ने दुकान बंद रखी। छोला भटूरा के दुकानदार सिंटू ने बताया कि बारिश की वजह से खुले में ठेला नहीं लगाया जा रहा है। जितनी आमदनी नहीं होगी, उससे अधिक सामान बर्बाद हो जाएगा। वहीं भानू ने बताया कि दो दिनों से कारीगर नहीं आ रहे हैं, इसलिए रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा है। अब मौसम साफ होने के बाद ही व्यवसाय शुरू होगा।
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थोक कारोबार भी पड़ा ठंडा
पुरानी बस्ती क्षेत्र में संचालित अनाज, काॅस्मेटिक, बर्तन, ड्राई फ्रूट आदि का थोक कारोबार ठंडा पड़ गया है। यहां रोजाना की तरह वाहनों की लोडिंग-अनलोडिंग होते नहीं देखी गई। थोक बाजार में मजदूर वर्ग की चहल-कदमी न के बराबर रही। थोक कारोबारी सुभाष ने बताया कि दो दिन से थोक व्यापार प्रभावित है। कच्चे माल को भीगने के डर से गोदाम से बाहर नहीं निकलवाया जा रहा है। खरीदार भी नहीं आ रहे हैं। दो दिन में 50 लाख का कारोबार प्रभावित हुआ है।
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हरी सब्जियों पर भी बारिश का असर
रोजाना घरों में खपत होने वाली सब्जियां भी बाजार में कम पहुंच रही हैं। थोक मंडी में गांवों से बड़े पैमाने पर सब्जियां लेकर पहुंचने वालों की संख्या कम रही। शहर के कंपनीबाग, पक्के, रोडवेज, सुर्तीहट्टा में सजने वाली सब्जी की दुकानों की संख्या में भी कमी देखी गई है। ताजी हरी सब्जियां बाजार में कम देखने को मिल रही हैं। भिंडी, करेला, परवल, लौकी जिन कारोबारियों के पास पहले का बचा हुआ है वही बेचते हुए देखे गए। सब्जी व्यापारी संजय ने बताया कि यदि दो- तीन बारिश और हो गई तो सब्जियां महंगी हो जाएंगी। क्योंकि बारिश में सब्जियां कम निकलती हैं।
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निर्माण क्षेत्र का कार्य बंद, मजदूर परेशान
बारिश की वजह से निर्माण क्षेत्र का भी कामकाज ठप है। इससे मजदूर तबका परेशान है। राजगीर रामअजोर, शिव चरन ने बताया कि मेहनत-मजूदरी ही जीवन यापन का साधन है। दो दिन से बारिश की वजह से घर, मकान बनने बंद हो गए हैं। इससे आर्थिक संकट आ गया है। खानपान के सामान महंगे हैं। गुजारा के लिए रोटी-चटनी भी नसीब नहीं हो रहा है। क्योंकि चटनी में पड़नेे वाला लहसुन 400 रुपये किलो, प्याज 70 रुपये, अदरक 200 रुपये और हरी धनियां 250 रुपये किलो बिक रही है।
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