बारिश मापी यंत्र खराब, अयोध्या के सहारे चल रहा काम
जनपद में हुई बारिश की नहीं मिल पाती है सटीक जानकारी
उद्यान विभाग में लगी आधुनिक मशीन तीन माह से खराब
बस्ती। मंडल मुख्यालय होने के बावजूद यहां बारिश मापी यंत्र (रेन गेज) नहीं है। जिले में कितनी मिली मीटर बारिश हुई इसकी रिपोर्ट के लिए आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या पर निर्भर रहना पड़ता है।
पहले औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र परिसर में लगे यंत्र से बारिश का अंदाजा लग जाता था, लेकिन यंत्र खराब होने के बाद अयोध्या के सहारे रहना पड़ता है। चारों तहसीलों में नियमानुसार रेन गेज होना चाहिए। यंत्र न होने से कृषि और उद्यान विभाग सूने पड़े हैं। कृषि क्षेत्र में नवीनत तकनीकों की खोज और खेती में नए प्रयोग के लिए विख्यात कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में रेन गेज यंत्र ही नहीं लगा है। बंजरिया में स्थापित कृषि विज्ञान केंद्र को देश में सर्वश्रेष्ठ होने का खिताब मिल चुका है।
ऐसे में किसान को बारिश की सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। इंडो इस्रायल परियोजना के तहत बंजरिया में स्थापित फल उत्कृष्टता केंद्र परिसर में मौसम की जानकारी के लिए अमेरिका की आधुनिक मशीन स्थापित की गई है, जो मौसम की आर्द्रता, हवा का रुख आदि की सटीक जानकारी उपलब्ध करा रही है, लेकिन बारिश मापने का सेंसर तीन माह से खराब होने के कारण जानकारी नहीं दे पा रही है। संयुक्त उद्यान निदेशक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंजरिया में स्थापित मशीन बारिश के बारे में जानकारी दे रही है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी कृषि विश्वविद्यालय अयोध्या पूर्वांचल के ज्यादातर जिलों को मौसम की जानकारी भेजता है। इसी के सहारे कृषि व अन्य सहायक विभाग बैठे हुए हैं।