बस्ती। बस्ती के शहरियों का दर्द कम नहीं है। मुहल्ले की गलियां चलने लायक नहीं हैं। लटकते बिजली के तार खतरे का संकेत देते हैं। सफाई व्यवस्था भी लचर हो चली है। नागरिक सड़क के लिए तरस रहे हैं। जहां-तहां नाली, पानी, पथ प्रकाश की व्यवस्था भी मयस्सर नहीं है। इसकी गवाही दे रहा है नगर पालिका क्षेत्र का वार्ड महरीखांवा। जहां दुश्वारियों की भरमार है। दस हजार की आबादी वाले इस वार्ड में नागरिक सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
इस वार्ड के पुराने मुहल्ले की सड़कें टूट चुकी है। गांधी नगर से जुड़ा प्रवेश मार्ग पक्का तो है, मगर यह जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गया है। कॉलोनी में कई वर्ष पहले बनाई सड़क भी ऊबड़-खाबड़ हो गई है। आबादी के बीच बनीं नालियां टूट गई हैं। महिलाएं, बच्चे, पुरुष संभलकर किसी तरह मुहल्ले से बाहर आते-जाते हैं। यहां नियमित सफाई भी नहीं हो रही है। इससे जुड़े मुहल्लों में पथ प्रकाश की व्यवस्था न होने से अंधेरा रहता है।
महरीखांव की मुख्य गली में चलने लायक नहीं हैं। इस मार्ग पर चलने जहां तमाम झटके लगते हैं वहीं गाड़ी खराब होने का भी खतरा रहता है। इससे जुड़े एक मुहल्ले में तो नाली अधूरी है।
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इस मुहल्ले में बचपन से रहते हैं, मगर यहां की मुख्य सड़क कभी नहीं बन पाई। तमाम झटकों से गुजर कर घर तक पहुंचते हैं। नालियों के दीवार दरक गए हैं, जिससे कभी कभी पानी सड़क पर भी आ जाता है।
-अजय यादव, महरीखांवा
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महरीखांवा वार्ड इस शहर का सबसे खराब वार्ड है। यहां व्यवस्था के नाम पर न तो नाली है न सड़क। यही नहीं वार्ड के पिछले हिस्से में पानी निकास की व्यवस्था भी नहीं है। जो नाली बनाई गई है वह अधूरी है। ऐसे में घर का पानी खाली स्थान पर जाता है। यह चिंता है कि यदि खाली जमीन में घर बन गया तो पानी निकास की समस्या खड़ी हो जाएगी।
-दुर्गेश त्रिपाठी
वार्ड की दशा बेहद खराब है। सड़कें जर्जर हैं, जबकि नालियां कहीं बनी हैं तो कहीं अब तक बन नहीं सकीं है। वार्ड की नई आबादी में इंटरलाकिंग करा दी गई, मगर नालियां हैं ही नहीं। विद्युत आपूर्ति व जलापूर्ति की भी स्थिति अच्छी नहीं है।
-सचिन शुक्ल महरीखावां
घनी आबादी होने के बाद भी हमारे काॅलोनी में सड़क की स्थिति दयनीय है। नालियां हैं, तो टूटी हैं, जबकि कई मुहल्लों में नालियां हैं ही नहीं। सड़क इतनी खराब है कि संभल कर न चलें तो गिरना तय है।
-विकास गौड़, सिविल लाइंस आंशिक
वार्ड में सुविधाओं को बढ़ाने के लिए करीब एक करोड़ का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें मुख्य सड़क से लेकर नाली व बिजली व्यवस्था के लिए खंभे आदि लगाना है। जनता होटल यानी महरीखांवा के मुख्य मार्ग के लिए केडीसी तक 35 लाख रुपये सड़क निर्माण का तथा इंटरलाकिंग के लिए 9 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया गयाहै। इसके अलावा छिटपुट कार्यों को कराने के प्रस्ताव भी दिए गए हैं।
-निर्मला यादव, पार्षद, महरीखावां
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मुहल्ले के लिए दो सड़कों के मरम्मत कार्य का प्रस्ताव तैयार है। शीघ्र ही निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी। बजट के हिसाब से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। जहां अधिक समस्या है उसका पहले निदान करा दिया जाएगा।
-दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका परिषद।