संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला महिला चिकित्सालय में शुक्रवार को पांच साल पुराने दुष्कर्म के मामले में पीड़िता मेडिकल कराने पहुंची। पूछताछ के दौरान चिकित्सा कर्मियों से पीड़िता की बहस हो गई और मेडिकल नहीं हो सका।
इसके बाद पीडित पक्ष की ओर से चिकित्सक और स्टाफ पर मामला टालने का आरोप लगने लगा। मामला डीएम तक पहुंचा तो दूसरे दिन शनिवार को देर शाम पीड़िता का मेडिकल परीक्षण हुआ। उसे अगले कार्य दिवस सोमवार को फिर बुलाया गया है।
पीड़िता का कहना है कि उसे दूसरे दिन भी मेडिकल परीक्षण कराने के लिए कई घंटों तक बैठकर इंतजार करना पड़ा। प्रकरण लालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां एक युवती के साथ वर्ष 2019 में दुष्कर्म होने का मामला बताया जा रहा है। शुक्रवार को महिला कांस्टेबल के साथ पीड़िता मेडिकल कराने महिला अस्पताल आई थी। सीएमएस डॉ. एके वर्मा ने प्रकरण समझने के बाद मेडिकल परीक्षण किए जाने का आदेश दिया। मगर कुछ देर बाद विवाद की स्थिति बन गई।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मेडिकल करने में चिकित्सक एवं स्टॉफ द्वारा हीलाहवाली होने लगी। वहीं अस्पताल प्रशासन की मानें तो पीड़िता के साथ महिला कांस्टेबल के अलावा अन्य कुछ लोग भी साथ में मौजूद रहे। जब महिला चिकित्सक ने पीड़िता के बयान के लिए अन्य लोगों को बाहर जाने को कहा, तो लोग वीडियो बनाने लगे। इस पर मेडिकल करने से मना कर दिया गया। इसके बाद पीड़िता डीएम के पास पहुंच गई।
डीएम ने सीएमएस से मामले की जानकारी ली। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद अगले दिन शनिवार को पीड़िता का महिला अस्पताल में देर शाम तक मेडिकल की प्रक्रिया पूरी की गई। उसे सोमवार को ब्लड आदि की जांच के लिए फिर बुलाया गया है।