बस्ती। चेहल्लुम का मातमी जुलूस इमामबाड़ा शाबान मंजिल गांधीनगर से निकाला गया। इससे पहले इमामबाड़े में मजलिस हुई। मौलाना मोहम्मद हैदर खान ने कहा कि इमाम हुसैन का गम मनाना पैगंबर की सुन्नत है। इमामबाड़े से निकल कर जुलूस मुख्य मार्ग से इमामबाड़ा लाडली मंजिल पहुंचा। यहां भी मजलिस हुई। यहां से जुलूस जिला अस्पताल स्थित कर्बला पहुंच कर समाप्त हुआ। सुहेल, अयान, साबिर, रमीज, फरजान आदि ने नौहा ख्वानी की। युवाओं ने जंजीरी मातम किया। कर्बला में सलाम व फातिहाख्वानी के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। मौलाना अली हसन, हाजी अनवार काजमी, जीशान हैदर रिजवी, मोहम्मद रिजवी, शम्स आबिद, जैन, अन्नू आदि मौजूद रहे। संवाद