- महिला अधिकारी से दुष्कर्म और हत्या की कोशिश का मामला
- निलंबित नायब तहसीलदार घनश्याम की दिक्कतें बढ़ी
- छह दिन में पहले विशाखा टीम ने दी थी घनश्याम को क्लीन चिट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। निलंबित नायब तहसीलदार घनश्याम की मुसीबत बढ़ती जा रही है। महिला अधिकारी के साथ दुष्कर्म व हत्या की कोशिश के आरोपी घनश्याम केस दर्ज होने के बाद फरार चल रहे हैं। घटना दिवाली की रात की है। 12 दिन के अंदर इस मामले में कई उतार-चढ़ाव आए। एक तरफ विशाखा टीम ने जांच में छह दिन पहले क्लीन चिट दे दिया था। अब उसे 25 हजार रुपये का इनामी घोषित कर दिया गया है।
महिला अधिकारी प्रकरण में आरोपी अफसर की मुश्किलें अब बढ़ती जा रही हैं। केस दर्ज होने के साथ ही विशाखा टीम की तीन महिला अधिकारियों ने जांच शुरू की। जांच में तीसरे व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई। रिपोर्ट आने तक पुलिस की विवेचना की रफ्तार रूकी रही। जब पुलिस ने अपनी विवेचना शुरू की तो आरोपी नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला जाल में फंसते गए। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छह टीमें लगातार दबिश दे रहीं हैं। लेकिन पुलिस के हाथ नहीं आया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपी अफसर पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया।
-
महिला अधिकारी ने लगाया था यह आरोप
महिला अधिकारी की तहरीर के अनुसार घटना 11/12 की रात की है। आरोप है कि उनके सरकारी आवास में नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल पीछे के रास्ते से जबरन घुस आए। उनके साथ अश्लील हरकत करते हुए दुष्कर्म की कोशिश की। इसका विरोध किया तो गला घोंटकर हत्या की कोशिश की। घटना से भयभीत होने के कारण वह चार दिनों तक चुप रही। 16 नवंबर को उन्होंने तहरीर दी और 17 नवंबर को कोतवाली में केस दर्ज हुआ। इसके बाद मामला सामने आया।
-
घटना में तीसरे व्यक्ति की भूमिका आई थी सामने
केस दर्ज होने के बाद विशाखा कमेटी के दिशा निर्देशों के आधार पर प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू करा दी गई। इसमें सीओ समेत तीन महिला अधिकारी शामिल की गई। इस टीम ने तीन दिन के भीतर डीएम के सामने रिपोर्ट पेश किया। इसमें घटना के पीछे उतरौला के एक व्यक्ति की भूमिका भी पाई गई। रिपोर्ट में महिला अधिकारी के आरोपों को निराधार बताया गया। कहा गया कि महिला अधिकारी और आरोपी अफसर घनश्याम शुक्ल के बीच मित्रवत संबंध थे। घटना के दिन दोनों साथ- साथ अधिकारियों के घर मिठाई पहुंचाने गए थे। रात में दोनों ने शहर के एक रेस्टोरेंट में साथ खाना भी खाया। इसके बाद अपने- अपने आवास गए। कुछ देर बाद रात 11:05 बजे महिला अधिकारी ने नायब तहसीलदार को व्हाट्सएप काल किया। बताया कि उन्हें किसी पुरुष ने अपशब्द कहते हुए धमकी दी। इसके बाद घनश्याम महिला अधिकारी के घर में गए तभी एक व्यक्ति उनके आवास से भागते हुए उन्हें दिखा। महिला अधिकारी को चोंट कैसे आई इसका खुलासा टीम ने नहीं किया। लेकिन इस रिपोर्ट से यह जाहिर हुआ कि घटना वाली रात तीसरा व्यक्ति महिला अधिकारी के घर में मौजूद था।
-
पुलिस के रॉडार पर सिर्फ आरोपी अफसर
विशाखा टीम की रिपोर्ट शासन में प्रेषित होने के बाद मामला उलट गया। आरोपी अफसर घनश्याम निलंबित किए गए। इसके बाद पुलिस के रॉडार पर आ गए हैं। पुलिस विशाखा टीम की रिपोर्ट के आधार पर महिला अधिकारी के घर में मौजूद तीसरे व्यक्ति को पकड़ने से परहेज कर रही है। पुलिस ने पूरा ध्यान घनश्याम को पकड़ने में लगा दिया है। पिछले दो दिनों के घटनाचक्र से मामला और सुर्खियां बटोर रहा है। विभागीय कर्मचारियों से लगायत आम जन तक तीसरे व्यक्ति के भूमिका की पुलिसिया जांच न होने की चर्चाएं तेज हो गई है। लोग यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि आखिर विशाखा टीम में शामिल राजपत्रित अधिकारियों की जांच झूठी कैसे हो सकती है।
मामले में प्रथम दृष्टया आरोपी अफसर घनश्याम शुक्ल है। इसलिए उनके गिरफ्तारी का प्रयास तेज कर दिया गया है। उनकी तलाश न होने पाने के कारण उन्हें 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। जहां तीसरे व्यक्ति के भूमिका की बात है तो इसकी जांच बाद में कर ली जाएगी।
दीपेंद्र नाथ चौधरी, एएसपी।