बस्ती। यदि आप स्वास्थ्य विभाग से यह उम्मीद रखते हैं कि सरकारी तंत्र की सभी रिपोर्ट ठीक होगी तो यह आपके लिए खतरनाक साबित हो सकती है। क्योंकि जिला अस्पताल के क्षेत्रीय निदान केंद्र की खून की बायो कमेस्ट्री रिपोर्ट पर विश्वास करने लायक नहीं है। यहां अक्सर रिपोर्ट गलत होने पर विवाद होता है। इस संबंध में शिकायत भी हुई। मगर, अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
करीब 16 दिन पहले पुरानी बस्ती की पांडेय बाजार की रहने वाली प्रीति ने जिला अस्पताल के पैथोलॉजी में किडनी की क्रिएटिनिल जांच कराई। रिपोर्ट आई .09। प्रीति ने जब इसकी जांच निजी पैथोलॉली पर करवाई तो उनका क्रिएटिनिल 23 निकाला। प्रीति की दोनों किडनी खराब है और डायलिसिस पर चल रही हैं। प्रीति के पति पिंटू ने बताया कि जिला अस्पताल से जांच रिपोर्ट गलत दी जा रही है। इसकी शिकायत की थी, मगर कार्रवाई करने वाले चुप्पी साधे हुए हैं।
शहर के निवासी राजन ने करीब एक पखवाड़ा पहले जिला अस्पताल के पैथोलॉली में हिमोग्लोबिन की जांच कराई। रिपोर्ट में उनका हिमोग्लोबिन 18 बताया गया, मगर जब बाहर जांच हुई तो 13 निकाला। इसके बाद राजन अस्पताल में पहुंच कर पैथोलॉली के लोगों से उलझ गए। किसी तरह कर्मियों ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया था।
शहर के निवासी नकुल के पिता को शुगर है। जिला अस्पताल में 18 सितंबर 2023 को उन्होंने जांच कराई। उनकी शुगर रिपोर्ट 180 आई। नकुल बताते हैं कि पिता रिपोर्ट के बाद निश्चित हो गए। तीन दिन बाद यात्रा करते समय उन्हें हार्ट अटैक आ गया। डॉक्टरों ने इसका कारण लंबे समय से शुगर का बढ़े रहना बताया। हालांकि, इलाज के बाद वह ठीक हो गए हैं।
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कोट
यह मामला संज्ञान में नहीं था। शिकायत कब हुई थी, यह जानकारी नहीं है। कुछ दिन पहले कार्यभार ग्राहण किया। मामले की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट क्यों गलत आ रही है, इसके लिए मशीन की भी जांच होगी।
-डॉ. वीके सोनकर, प्रभारी एसआईसी