अनियमित दिनचर्या ने बढ़ाई युवाओं में हृदय रोग की समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। गलत खानपान और बदलते लाइफ स्टाइल के कारण कई बीमारियां जन्म लेती हैं। इन्हीं में एक है हृदय रोग। आज के समय में युवा पीढ़ी का जीवन इतना भागदौड़ भरा हो गया है कि न ही वे चैन से खा पाते हैं और न ही सो पाते हैं। हृदय रोग का मुख्य कारण अनियमित खानपान और खराब जीवनशैली है। हृदय रोग के शुरुआती लक्षण में सीने में दर्द, जबड़े में दर्द, सीने में दर्द के बाद उल्टियां, अचानक पसीना आना आदि है।
मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बीएल कन्नौजिया ने बताया कि सीने में यदि अचानक जलन अथवा चुभन हो तो तत्काल ईसीजी करा लें। क्योंकि यह लक्षण हृदय रोग के हैं। यदि रात में यह परेशानी आ जाए तो तत्काल साॅर्बिट्रेट नामक दवा जरूर लें। संभव हो सके तो तत्काल चिकित्सीय सलाह ले लें।
डॉ. बीएल कन्नौजिया ने कहा कि दिनचर्या को नियमित करें। पौष्टिक भोजन हृदयरोग से बचा सकता है। थोड़ी कसरत भी जरूरी है। अल्कोहल, मांसाहार व देर रात तक जागना सेहत के लिए खतरनाक है।
मेडिकल कॉलेज के सीनियर रेजीडेंट डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि सीने में दर्द या भारीपन महसूस होना, सीने में जलन या चुभन के बाद उल्टियां होना, जबड़े में दर्द, अचानक पसीना आना, सांस लेने में तकलीफ होना, धड़कन का अनियमित होना, पैरों में दर्द बने रहना और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हृदयरोग के लक्षण हैं।