गोसैसीपुर कांड : 10 फरवरी को खूनी संघर्ष में हुई थी राम मिलन चौधरी की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कलवारी थाना क्षेत्र के गोसैसीपुर में 10 फरवरी को राम मिलन चौधरी की हत्या के 70 दिन बीतने के बावजूद पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने में नाकाम है। घटना के अहम आरोपी राज पुलिस को अब तक चकमा दे रहा है। न्यायालय से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई।
विवेचक का कहना है कि आरोपी के खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। इसके बावजूद वह उपस्थित नहीं हुआ। आदेश के उल्लंघन का केस दर्ज किया गया है। अगर वह अब भी हाजिर नहीं हुआ तो उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
डीही आबादी की जमीन पर कब्जा करने के विवाद को लेकर 10 फरवरी को गोसैसीपुर निवासी राम मिलन चौधरी पर गांव के विपक्षियों ने धारदार हथियार, लाठी-डंडा, फरसा आदि लेकर हमला कर दिया था। धारदार हथियार से राम मिलन चौधरी के पंजे को काट डाला गया था। शरीर के अन्य हिस्से में भी गहरे वार किए गए थे। इससे राम मिलन चौधरी की मौत हो गई थी। उनके बेटे का भी पंजा काट दिया था। उसका अब तक इलाज चल रहा है।
पुलिस ने इस मामले में गांव के हरिशंकर, सूर्य प्रकाश उर्फ जगलर, रामदास, अंगद, चंदन, मनोज, राज, उदयशंकर उर्फ सोनू, राम नरेश, सचिंद्र, बदरे आलम और 10-12 अज्ञात पर हत्या, बलवा, हत्या का प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। उनमें से मुख्य आरोपी हरिशंकर उर्फ रावण के अलावा मनोज, सूर्य प्रकाश उर्फ जगनरेश, वीरेंद्र कुमार और बदरे आलम निवासी गोसैसीपुर की गिरफ्तारी दूसरे दिन ही कर ली गई थी। अन्य आरोपी भी बाद में गिरफ्तार किए गए थे। मगर राज की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।