जिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं है कोरोना वैक्सीन।
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बस्ती जिले में कोविड से जंग की तैयारी महज कागजों में सिमटती नजर आ रही है। वैक्सीनेशन की कौन कहे, जांच तक में लापरवाही बरती जा रही है। बृहस्पतिवार को रेलवे स्टेशन, टीबी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में जांच की गति सुस्त नजर आई।
रेलवे स्टेशन व टीबी अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक ही नमूना लिया गया, जबकि मेडिकल कॉलेज में अधिकारियों की लापरवाही से काउंटर पर नमूना एकत्रित करने का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। बृहस्पतिवार को यहां केवल दो नमूने लिए गए, वह भी ओपीडी के चिकित्सक की ओर से भेजे गए मरीज का।
बृहस्पतिवार को कोरोना जांच की पड़ताल की गई तो बदहाली खुलकर सामने आ गई। दोपहर 12 बजे रेलवे स्टेशन परकोई भी कर्मी मौजूद नहीं था और न तो कोई नमूना लिया जा रहा था, जबकि करीब एक घंटे बाद 1.15 बजे काठगोदाम हावड़ा एक्सप्रेस आई और इसमें उतरने वाले यात्री बगैर नमूना दिए निकल गए। सीएमओ कार्यालय से बताया गया कि दोपहर 12 बजे तक 52 नमूने रेलवे स्टेशन पर लिए गए हैं।
टीबी अस्पताल में भी सब कुछ बंद था। कोविड काउंटर पर कोई नजर नहीं आया। यहां सन्नाटा पसरा था। बताया गया कि 12 बजे तक 32 नमूने लिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में भी ओपीडी का नमूना काउंटर बंद था, जबकि अभी 27 दिसंबर को डीएम प्रियंका निरंजन ने इसी काउंटर की स्थिति देख नाराजगी जताई थी, मगर वहां स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
यहां किसी भी बाहरी का नमूना नहीं लिया जाता है। केवल अस्पताल में भर्ती मरीज अथवा ओपीडी से रेफर का ही कोविड टेस्ट कराया जा रहा है। काउंटर पर बृहस्पतिवार को ओपीडी का दो नमूना दिन भर में एकत्रित किया गया है।
-एएन प्रसाद, सीएमएस, ओपेक चिकित्सालय कैली
कोविड नमूना के लिए मानव संसाधनों की कमी है। केवल अब तक दो स्थानों पर ही नमूना लिया जा रहा है। वैसे तो ड्यूटी कम से कम आठ घंटे करना है। यदि नमूना नहीं लिया जा रहा है तो यह ठीक नहीं है। इसकी जांच कराकर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. आरपी मिश्रा, सीएमओ