बस्ती। शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक बिजली उपभाेक्ताओं को लो वोल्टेज और करंट फ्लो में उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ रहा है। शाम छह बजे के बाद स्थिति बेहद खराब हो जाती है। उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित 220 वोल्टेज जिले भर में कहीं भी नहीं दिया जा रहा है। ऊपर से घरों तक पहुंचते-पहुंचते करंट का फ्लो भी खराब हो जा रहा है।
बारिश के बाद बिजली खपत कम हो जाती है, लेकिन इस बार जिले में न के बराबर हुई बारिश के चलते दिनों दिन बिजली संकट गहराता जा रहा है। आपूर्ति की स्थिति यह है कि जिले में कहीं भी निर्धारित वोल्टेज नहीं मिल रहा है। बुधवार को हमने शहर सहित विक्रमजोत, हर्रैया टाउन व देहात, बभनान, कप्तानगंज, नगर बाजार, बनकटी देईसांड़, मुंडेरवा आदि उपकेंद्रों के उपभोक्ताओं के परिसरों की पड़ताल की तो पता चला कि उन्हें 110 से 170 वोल्टेज तक ही करंट मिल रहा है। ऊपर से अघोषित कटौती कोढ़ में खाज का काम कर रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज और करंट के फ्लो में उतार चढ़ाव की समस्या अधिक आ रही है। शिकायत पर बिजली अफसर ओवरलोड व खपत अधिक बताकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं। विद्युत वितरण मंडल के एक बड़े अधिकारी लो वोल्टेज की शिकायत पर उपभोक्ताओं से साक्ष्य लाने को कह रहे हैं। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था भगवान भरोसे ही चल रही है।
बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहद खराब है। पांच से छह घंटे आपूर्ति मिल रही है और ऊपर से लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। शाम के समय करंट के फ्लो में उतार चढ़ाव होता है। शिकायत करने पर भी कोई सुनने वाला नहीं है।
-जगदीश चौधरी, मखदुमपुर
उमस भरी गर्मी में कब बिजली आएगी कब जाएगी कुछ पता नहीं है। ऊपर से लो वोल्टेज ने परेशान कर रखा है। शाम के समय तो हर घंटे कटौती ने नींद हराम कर दिया है। दो महीने से आधी रात जागकर ही बितानी पड़ रही है।
-शरद कुमार, सुरापार
बनकटी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पांच छह घंटे मिल रही आपूर्ति
बनकटी। उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती और लो वोल्टेज से उपभोक्ता खासे परेशान हैं। विद्युत उपकेंद्र का पाॅवर ट्रांसफाॅर्मर ठीक होने के बाद भी आपूर्ति में सुधार नहीं हो रहा है। पाॅवर ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड होने की बात कहकर बिजली कर्मी पल्ला झाड़ ले रहे हैं। पसड़ा निवासी उपभोक्ता संतलाल गुप्ता, सदानंद मिश्रा, मुरलीधर शुक्ला, घनश्याम पाल आदि ने बताया कि मुश्किल से पांच या छह घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल रही है। दूसरी ओर बिजली आपूर्ति से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक भी परेशान है।
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बिजली कब आती जाती है कुछ पता ही नहीं चलता। अस्पताल में भर्ती मरीजों को उमस भरी गर्मी में परेशानी हो रही है। वैक्सीन की कोड चेन बनाए रखने के लिए जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है।
-डॉ. राजेश कुमार, पीएचसी प्रभारी
पाॅवर ट्रांसफाॅर्मर ओवर लोड हो रहा है। इसलिए बिजली कटौती करनी पड़ रही है।
-मोहम्मद नादिर, अवर अभियंता, बिजली विभाग