हर्रैया थाना क्षेत्र के केशवापुर गांव की मां-बेटी की मौत के बाद रविवार को घर पर गमगीन बैठे परिज
महराजगंज (बस्ती)। हर्रैया पुलिस की लापरवाही और डाक्टर की हीलाहवाली के कारण सड़क हादसे में मृत मां बेटी के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। देर शाम तक परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पर चक्कर काटते रहे। अंतत: उन्हें घर लौटना पड़ा। रविवार शाम उनका पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
उधर, हर्रैया पुलिस ने कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। केशवापुर निवासी नरेश कुमार ने तहरीर देकर बताया है कि उनकी भाभी सुनीता (35) और भतीजी तृष्या (15) शनिवार को कुछ घर के काम से स्कूटी से महराजगंज गई थीं। आरोप है कि लौटते वक्त संसारीपुर के पास कार चालक ने लापरवाहीपूर्वक टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर चोट आने से दोनों की मौत हो गई और स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने अज्ञात कार चालक पर केस दर्ज कर लिया है।
रात भर रोते बिलखते रहे बच्चे
- मां बेटी की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है। बच्चे रात भर रोते रहे। पत्नी सुनीता देवी और तृष्या की मौत की सूचना पर बाहर रह सुरेश कुमार हवाई जहाज से घर के लिए रवाना हो गये। तीन बजे तड़के वह घर पहुंचे। वहीं दूसरी नंबर की बेटी प्रियांशी खो खो प्रतियोगिता में आगरा खेलने गई थी। वह भी घर वापस आ गई। घर पर पल्लवी और तीन वर्षीय बेटा अंश भी सबको रोते देख चीख-चिल्ला रहे थे।
यही थी घटना
- हर्रैया थाना क्षेत्र के केशवापुर गांव के रहने वाले सुरेश कुमार मुंबई में रहकर शटरिंग का काम करते हैं। उनकी पत्नी सुनीता देवी चार बच्चों के साथ गांव में रहती थी। साथ ही समूह में भी काम करती थीं। शनिवार को पड़ोस में शादी थी। उसी की तैयारी को लेकर सुनीता अपनी बड़ी बेटी तृष्या को स्कूटी पर बैठाकर महराजगंज सामान खरीदने के लिये गई थी। दोपहर में घर वापस आते समय दोपहर 12 बजे संसारीपुर चौराहे के निकट पीछे से तेज रफ्तार कार ने स्कूटी को चपेट में ले लिया था। जिससे सुनीता देवी(35) और उनकी बेटी तृष्या(13) गंभीर रूप से घायल हो गई थी। आसपास के लोग घायलों को इलाज के लिये सीएचसी हर्रैया ले गये। जहां डाक्टरों ने सुनीता देवी और उनकी बेटी तृष्या को मृत घोषित कर दिया था।