नगर पंचायत सदस्य प्रत्याशी पूनम वर्मा की सड़क हादसे में मौत होने पर पोस्टमार्टम हाउस पर लगी लोगो
बस्ती/महराजगंज। सभासद प्रत्याशी की दुर्घटना में मृत्यु से पूरा परिवार सदमे में है। उनके शव का पोस्टमार्टम के बाद मनोरमा नदी के भिउरा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम हाउस और अंतिम संस्कार के समय घाट पर बड़ी संख्या में परिवार, रिश्तेदार और शुभ चिंतकों की भीड़ जुटी रही। लोग उस घड़ी को कोस रहे हैं, जब पूनम वर्मा अकेले घर से स्कूटी लेकर निकली थीं। उनकी बहन ब्लाक रोड पर रहती हैं। चुनाव प्रचार में सहयोग करने के संबंध में उनसे बातचीत करने वह जा रही थीं।
बता दें कि जनपद न्यायालय में एससीएसटी कोर्ट में लिपिक प्रेम कुमार वर्मा की पत्नी पूनम वर्मा नगर पंचायत कप्तानगंज के भगत सिंह नगर सीट से सभासद पद की उम्मीदवार थीं। मंगलवार दोपहर अपने पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन के निकट स्थित सरकारी आवास से वह स्कूटी लेकर ब्लाक रोड पर रहने वाली अपनी बहन से मिलने उनके घर जा रही थीं। रौता चौराहे के निकट किसी वाहन ने पीछे से स्कूटी में ठोकर मार दिया। जिससे स्कूटी लेकर पूनम वर्मा सड़क पर गिर पड़ीं। बताया जा रहा है कि तभी पीछे से पहुंचा कोई दूसरा वाहन पूनम वर्मा को कुचलते हुए निकल गया। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई।
-
समाजसेवा के लिए लड़ रही थीं चुनाव
महराजगंज। रिश्ते में मृतका के जेठ व प्रधान संगठन कप्तानगंज के पूर्व अध्यक्ष कपिल देव चौधरी बताते हैं कि उनका परिवार काफी दिनों से समाजसेवा और राजनीति से जुड़ा हुआ है। उनके ही परिवार के प्रमोद कुमार उर्फ गिल्लम चौधरी जिला पंचायत सदस्य हैं। समाजसेवा करना उनके परिवार की दिनचर्या में शामिल है। कप्तानगंज नगर पंचायत बनने के बाद वह लोग इसमें सक्रिय भागीदारी करना चाहते थे। सीट अनारक्षित होने के कारण अध्यक्ष पद के लिए उनके परिवार के लोग नहीं लड़ सके। ऐसे में भगत सिंह नगर के ओबीसी महिला सीट से सभासद के चुनाव में हिस्सा लेने का परिवार के लोगों ने फैसला किया। इसके लिए न्यायालय में लिपिक प्रेम कुमार वर्मा की पत्नी पूनम वर्मा को उम्मीदवार बनाया गया। मगर ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।
-
टक्कर मारने वाले वाहन को लेकर दिन भर होती रही खोजबीन
- स्कूटी में टक्कर मारने वाले वाहन को लेकर पुलिस दिन भर चक्कर काटती रही। घटना स्थल के आसपास के लोगों ने बताया कि स्कूटी में टक्कर मारने वाला संतकबीरनगर जिले का कैदी वाहन था। मगर कैदी वाहन चलाने वाले चालक ने इससे इन्कार किया। इस पर एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने कोतवाल शशांक शेखर राय को इसकी जांच करने का जिम्मा सौंपा। कोतवाल ने बताया कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज जुटाए जा रहे हैं। जांच में जो भी वाहन पाया जाएगा, उसके चालक के विरुद्ध केस दर्ज किया जाएगा।
-