28 सितंबर को परशुरामपुर के कड़सरा में सामने आई थी घटना
घायल के पिता पर दर्ज है हत्या के प्रयास का केस, पुलिस के कब्जे में है तमंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
परशुरामपुर। थाना क्षेत्र के कड़सरा गांव में बृहस्पतिवार को युवक पर फायरिंग की घटना में पुलिस पसोपेश में पड़ी हुई है। घायल युवक के पिता पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर तमंचा कब्जे में लेने के बावजूद पुलिस को आगे बढ़ने का रास्ता नहीं सूझ रहा है। कब्जे में लिए गए तमंचे पर फिंगर प्रिंट का मिलान करने के लिए फोरेंसिक टीम तक की मदद ली जा रही है। जबकि पिता-पुत्र के बीच हुए इस विवाद के पीछे की हकीकत को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं की जा रही हैं। सबकी निगाह पुलिस के रुख पर है, मगर पुलिस का फिलहाल केस में ढुलमुल रवैया देखा जा रहा है।
एसएचओ रामेश्वर यादव ने बताया कि फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर गई थी। आवश्यक तथ्य एकत्रित किए जा रहे हैं। फायरिंग की घटना के पीछे सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि पारिवारिक विवाद के इस मामले में कोई निर्दोष जेल न जाने पाए।
कड़सरा गांव निवासी पूर्व प्रधान साधना सिंह का इकलौता पुत्र अक्षित प्रताप सिंह 28 सितंबर को गोली लगने से घायल हो गया था। उसकी मां साधना सिंह और अक्षित की पत्नी प्रतिभा सिंह उसे लेकर पहले थाने पर पहुंची। इसके बाद इलाज के लिए भेजा गया। अक्षित ने पुलिस को बताया कि पिता से संपत्ति को लेकर विवाद है। आरोप है कि बृहस्पतिवार शाम को करीब चार बजे वह घर की छत पर बैठा था। पिता कृष्ण कुमार सिंह लाइसेंसी राइफल और एक देसी तमंचा लेकर आए। अपशब्द कहते हुए पहले राइफल की बट से पिटाई की। उसके बाद तमंचे से फायर कर दिया। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। अक्षित की मां साधना सिंह तथा अक्षित की पत्नी प्रतिभा सिंह भी गोली की आवाज सुनकर उसके पास पहुंचीं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। परशुरामपुर के प्रभारी थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि पिता-पुत्र के बीच घरेलू विवाद के चलते घटना होने की बात सामने आ रही है। तहरीर के मुताबिक कृष्ण कुमार सिंह पर हत्या का प्रयास सहित अन्य आरोपों में केस दर्ज किया गया है।
...
बेटा बोला-26 वर्ष से मां को कर रहे प्रताड़ित
गोली लगने से घायल अक्षित का कहना है कि उसके पिता पिछले 26 वर्ष से मां और परिवार के लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं। उनकी हरकतों की वजह से उसे अपनी मौसी के यहां रहकर 12वीं तक की पढ़ाई करनी पड़ी। बहन अब भी मौसी के पास ही रहती है। भाई-बहन का खर्च भी नहीं देते। मां आंगनबाड़ी में कार्यरत थीं, मगर प्रधानी चुनाव लड़ने के कारण उनसे इस्तीफा दिलवा दिए। हमेशा धमकी देते हैं कि तुम लोगों को पाई-पाई के लिए तरसाएंगे। आरोप लगाया कि पुलिस केस दर्ज करने के बावजूद लीपापोती कर रही है।