बस्ती। छावनी थाना क्षेत्र के एक ही परिवार के गायब हुए तीन नाबालिगों की बरामदगी के बाद सीडब्ल्यूसी में पेश नहीं किया गया। सीडब्ल्यूसी के अनुसार यह बाल अधिनियम का उल्लघंन है। अध्यक्ष प्रेरक मिश्र मामले में विवेचक एवं थानाध्यक्ष छावनी से स्पष्टीकरण तलब करने को कहा है।
छावनी थाना क्षेत्र के एक स्कूल से गायब हुई दो छात्रा और एक एक छात्र को पुलिस ने 5 दिन बाद बनारस से बरामद किया। इसके बाद न्यायिक कार्यों को निपटाने में पुलिस की रूचि नहीं है। पुलिस ने नाबालिगों को बरामद करने के बाद सीडब्लूसी के समक्ष प्रस्तुत किए बिना ही उन्हें परिजनों को सुपुर्द कर दिया। दूसरे दिन सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत भी किया तो जरूरी प्रपद्ध नहीं सौंपा गया। जिससे कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी।
सीडब्ल्यूसी के सदस्य संतोष श्रीवास्तव ने नाबालिगों की मेडिकल जांच कराकर सोमवार को फिर से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। मगर पुलिस ने इस दिन नाबालिगों को पेश नहीं कर पाई। जिससे उनकी काउंसिलिंग और स्थाई सुपुर्दगी नहीं पाई। इस मामले के विवेचक थानाध्यक्ष छावनी है। न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने बताया कि विवेचक को सोमवार को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। किन परिस्थितियों में नाबालिगों को प्रस्तुत नहीं किया जा सका, इस बारे में उनसे स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। 22 फरवरी से दो नाबालिगों की बोर्ड परीक्षा भी होनी है। ऐसे में उनका समय बर्बाद करना चिंताजनक है।