बस्ती। खेल कॉलेजों में प्रवेश के लिए खिलाड़ियों का चयन ट्रायल मई के आखिर हफ्ते से शुरू हो सकता है। इसके लिए स्टेडियम में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। खेल कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया तीन चरणों में होती है। प्रक्रिया कठिन होने के कारण इसमें चयनित होने के लिए अभिभावक तमाम जुगाड़ लगाते हैं। उनमें एक है खिलाड़ियों की उम्र छिपाने का।
अब चयन ट्रायल के समय खिलाड़ी उम्र छुपाकर हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इसके लिए खेल निदेशालय ने उम्र पता करने के पारंपरिक तरीके प्रयोग करने का निर्देश दिया है। ऐसे में अब खिलाड़ियों की उम्र को लेकर चयनकर्ताओं को कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। चयन ट्रायल के दौरान संदेह होने पर चयनकर्ता उम्र का सही पता लगाने के लिए खिलाड़ियों के दांतों की गिनती कर सकते हैं। जो उन्हें लगभग सही उम्र का अंदाजा लगाने में मदद करेगा। दरअसल, चयन ट्रायल के समय खिलाड़ियों को जन्मतिथि प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होता है। यह प्रमाणपत्र जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी या खिलाड़ी के शैक्षिक संस्थान के प्रधानाचार्य से सत्यापित होनी चाहिए। कई बार अभिभावक प्रमाण पत्र बनवाने में उम्र कम या ज्यादा कर खेल करते हैं। लेकिन, चयन ट्रायल के समय चयनकर्ता उन्हें पकड़ लेते हैं। पूर्व के वर्षों में उम्र छुपाने का प्रयास कई अभिभावक कर चुके हैं। वास्तविक उम्र पता करने में चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनायी जाती है, लेकिन इसमें अधिक समय लगता है। ऐसे में खिलाड़ियों के दांतों की गिनती कर उम्र का सही आंकलन चयनकर्ता मैदान पर आजमा सकते हैं।
- दांत से उम्र का आकलन करने का यह तरीका सदियों पुराना और ज्यादा सटीक माना जाता है। ऐसे में यदि चयनकर्ताओं को उम्र में संदेह लगता है, तो दांतों की गिनती कर वास्तविक उम्र पता
कर सकते हैं। -संजय शर्मा, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी