जर्जर भवन में संचालित हो रही पीएचसी
दीवार और छत से झर रहा प्लास्टर, बारिश के मौसम में छत से टपकता है पानी
1986 में कराया गया था भवन निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
बनकटी। पीएचसी का संचालन जर्जर भवन में किया जा रहा है। भवन की दीवार और छत से प्लास्टर झर रहा है। बारिश के मौसम में छत से पानी भी टपकता है। स्वास्थ्य कर्मियों के आवास भी बदहाल हैं।
1986 में छह बेड के पीएचसी भवन का निर्माण कराया गया था। निर्माण के 37 साल बाद भी भवन का जीर्णोद्धार नहीं गया है। भवन में आपीडी, प्रसव कक्ष, प्रयोगशाला, आपातकाल रूम, फार्मेसी बना है। खस्ताहाल भवन से स्वास्थ्य कर्मियों और मरीजों में हादसे का डर बना हुआ है। स्वास्थ्यकर्मी मुनि राम, पीसी पांडेय आदि ने बताया कि छत का प्लास्टर टूटने से कई लोग चोटिल हो चुके हैं। बारिश में पानी टपकता है। स्थानीय निवासी रामतौल चौधरी, सुग्रीव पाल, साहब राम चौधरी आदि ने बताया कि अस्पताल जाने में डर लगता है।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अवर अभियंता की ओर से भवन का प्राक्कलन तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। अभी स्वीकृति नहीं मिली है।