बस्ती। पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के ट्रेनिंग कमांडर मोहम्मद राशिद पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए शासन से मंजूरी मांगी गई है। एसपी ने जिला मजिस्ट्रेट के जरिये मंजूरी के लिए पत्र व्यवहार किया है। अनुमति मिलते ही पुलिस राशिद पर राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने के प्रयास की धारा 121 आईपीसी के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल करेगी। इस धारा के तहत मृत्युदंड, आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।
यूपी एसटीएफ गोरखपुर व लखनऊ की संयुक्त टीम ने 13/14 मार्च 2021 को कोतवाली क्षेत्र के मूड़घाट के पास से मोहम्मद राशिद को गिरफ्तार किया था। उसके पास से कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले थे, जिससे पता चल रहा था कि वह पीएफआई के सक्रिय सदस्यों को मोटिवेट करके उन्हें अस्त्र-शस्त्र का प्रशिक्षण देता है। उसके कब्जे से देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने संबंधी कागजात के अलावा, सीडी, दो आधार कार्ड, मोबाइल फोन व पैन कार्ड मिले थे।
उर्दू में लिखा एक छोटा पन्ना भी मिला था। हैंडबैग से पांच पन्नों की शीट मिली थी, जिसके प्रत्येक पन्ने पर क्रमांक, टोकन नंबर, नाम, मंडल, जिला, पंच, किक, ब्लॉक, एहॉक, एसएनके, स्ट्रीट, स्टेमिना, रिमार्क के कॉलम बने थे। प्रत्येक कॉलम में अलग-अलग व्यक्तियों का विवरण कोडिंग में लिखा था। एक पर्ची पर एकाउंट, राशिद पॉप पासवर्ड, मेल आईडी लिखी थी। इन दस्तावेज की जांच के बाद पता चला कि वह देशद्रोही गतिविधियों में लिप्त है।
पुलिस ने मामले में एसटीएफ गोरखपुर के उप निरीक्षक सूरजनाथ सिंह की तहरीर पर आईपीसी की धारा 121 ए, 420, 467, 468, 471 व 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया था। बाकी धाराओं की तफ्तीश करके चार्जशीट न्यायालय में भेज दी गई, मगर धारा 121 ए के बारे में शासन की अनुमति न मिलने के कारण मुकदमा नहीं चलाया जा सका। एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि अनुमति मिलने के बाद देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाएगा।
मुंबई में पीओपी का काम करता था राशिद
मूलरूप से सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ थाने के अतरी बाजार का निवासी राशिद मुंबई में पीओपी (प्लास्टर आफ पेरिस) का काम करता था। उसका असली काम पीएफआई संगठन के सक्रिय सदस्यों का महाराष्ट्र में ब्रेनवाश करके दंगा-फसाद करने के लिए विभिन्न प्रकार के शारीरिक व अस्त्र-शस्त्र में प्रशिक्षित करना था। मुंबई पुलिस ने उसके सिद्धार्थनगर स्थित घर आने की सूचना को एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ से साझा की थी। लखनऊ एसटीएफ से एसआई सत्येंद्र विक्रम सिंह, हेड कांस्टेबल नीरज पांडेय, कमांडो विजय वर्मा के साथ बस्ती आ गए। इधर, एसटीएफ गोरखपुर के एसआई सूरजनाथ सिंह भी बस्ती पहुंच गए। 13/14 मार्च की रात करीब दो बजे मूड़घाट चौराहे पर लखनऊ जाने के लिए गाड़ी का इंतजार करते समय मोहम्मद राशिद को गिरफ्तार कर लिया गया था।