-रेलवे सलाहकार समिति सदस्य मंडल रेल प्रबंधक से मिलकर अवगत कराएंगे समस्या
-मनवर संगम व पैसेंजर ट्रेन को अस्थायी तौर पर अग्रिम आदेश तक के लिए किया गया बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
गौर। रेलवे बोर्ड की ओर से पूर्वोत्तर रेलवे के टिनिच रेलवे स्टेशन पर मनवर संगम एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेन का ठहराव अस्थायी रूप से अग्रिम आदेश के लिए बंद हो गया है। ट्रेनों के बंद होने से क्षेत्र के लोगों को आने-जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
टिनिच रेलवे स्टेशन पर 30 नवंबर 2016 से बस्ती से चलकर प्रयागराज जंक्शन जाने वाली मनवर संगम एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित हुआ था। तब क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ के रास्ते प्रयागराज को आने-जाने में काफी आसान होगा।प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले क्षेत्र के युवाओं ने रेल मंत्री व जिले के सांसद हरीश द्विवेदी की सराहना की, लेकिन सात वर्ष बाद रेलवे बोर्ड की ओर से पांच फरवरी से टिनिच रेलवे स्टेशन पर मनवर संगम सहित पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव अस्थायी रूप से अग्रिम आदेश के लिए बंद कर दिया गया। इससे अब क्षेत्र के लोगों को आने-जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
गौर रेलवे स्टेशन के सलाहकार समिति सदस्य नागेंद्र सिंह उर्फ सिंकू सिंह ने बताया कि टिनिच स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव बंद होने से लोगों को अब ट्रेन पकड़ने के लिए 17 किलोमीटर दूर बस्ती या 15 किलोमीटर दूर बभनान रेलवे स्टेशन जाना होगा। स्थानीय लोगों की समस्याओं को देखते हुए जल्द पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ के मंडल रेल प्रबंधक वाणिज्य से मिलकर समस्या को अवगत कराऊंगा और मेरा पूरा प्रयास रहेगा की बंद की गई ट्रेनों का संचालन पुन: शुरू कराया जाए।
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ट्रेनों का ठहराव बंद होने से टिनिच रेलवे स्टेशन का अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा। रेलवे बोर्ड के इस निर्णय से क्षेत्र के लोगों में काफी नाराजगी है। लोगों का मानना है कि 22 जनवरी को अयोध्या में प्रभु श्रीराम विराजमान हुए हैं। अभी ठंड का मौसम चल रहा है। गर्मी शुरू होते ही लोगों का अयोध्या व प्रयागराज जाने को लेकर तैयारी कर रहे थे।लेकिन ट्रेनों के बंद होने से अब निराशा हो गए हैं।
-लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, सुल्तानपुर टिनिच
क्षेत्र के किसानों, गरीबों व युवाओं के लिए सबसे सस्ता सफर रेलवे माना जाता है, लेकिन रेलवे बोर्ड की ओर से एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव बंद करने से अब लोगों को अधिक पैसे के साथ समय भी खर्च करना पड़ेगा और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थल जाना मुश्किल हो जाएगा।ट्रेनों के बंद होने से क्षेत्र के छोटे बड़े बंजारों का व्यापार भी प्रभावित होगा।
-भोलानाथ शुक्ल, सुल्तानपुर टिनिच