बस्ती। पेंटिंग का काम करने वाले अनिल उर्फ बबलू की हत्या की वजह अब तक सामने नहीं आ पाई है। पुलिस की तीन टीमें पर्दाफाश करने के प्रयास में जुटी हैं। पिता मिठाई लाल का कहना है कि चार फरवरी को शाम करीब पांच बजे मोहल्ले के मनोज चौरसिया के यहां पेंटिंग का कार्य पूरा करने के बाद 300 रुपये मजदूरी पाया था। उसके बाद वह कटरा में रहने वाली बहन अनीता देवी यहां रात आठ बजे गया था। चाय-नाश्ता करने के बाद वहां से भी 100 रुपये लेकर रात करीब नौ बजे घर जाने की बात कहकर निकला था।
पिता ने बताया कि बेटा अक्सर बहन के घर जाता रहता था, इसलिए उस रात को उसकी तलाश नहीं की गई। अगले दिन भी आसपास तलाश किया गया। छह फरवरी को अखबारों में छपी खबर पढ़कर जानकारी हुई कि एक अज्ञात व्यक्ति की हत्या करके शव स्टेडियम के पास फेंक दिया गया है। तब कोतवाली में जाकर छोटे लड़के संजय कुमार ने पुलिस के मोबाइल फोन में फोटो देखकर पहचान की।
बता दें कि पांच फरवरी को स्टेडियम के पास बरगद के पेड़ के बगल में बनी चहारदीवारी के गेट के सामने एक व्यक्ति का शव मिला था। पहले लोगों को लगा कि कोई शराब पीकर लुढ़का होगा। मगर, पास जाकर देखा तो सिर में गहरी चोट और जमीन पर खून पसरा हुआ था। हिलाने-डुलाने पर पता चला कि वह मर चुका है। पुलिस ने पिता मिठाई लाल की तहरीर पर अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने बताया कि किसी तरह की दुश्मनी की बात सामने नहीं आई है। घटना के पीछे की वजह के बारे में छानबीन की जा रही है।