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Basti News: जर्जर बसों काे न चलाने का फरमान... रोडवेज डिपो है कि मानता नहीं

Thu, 28 Dec 2023 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। घने कोहरे में अनफिट बसों को न चलाने का फरमान बार-बार आ रहा है। मगर, रोडवेज डिपो है कि इसे मानता ही नहीं। दस लाख से अधिक दूरी तय कर चुकीं डिपो की 70 प्रतिशत बसें कबाड़ हो चुकी हैं। रिपेयरिंग न होने से यह बसें भौतिक एवं यांत्रिक रूप से खराब हैं। इसकी रिपोर्ट भी क्षेत्रीय कार्यालय को भेजी गई है। बावजूद इसके विभिन्न रूटों पर इन्हीं बसों से यात्रियों को ढोया जा रहा है। इन बसों में भगवान भरोसे लोग यात्रा कर रहे हैं।
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यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से भी डिपो की अधिकतर बसें अनुकूल नहीं हैं। किसी की खिड़की टूटी हैं तो किसी में सीट की गद्दियां उजड़ीं हैं। तड़तड़ाहट, गड़गड़ाहट की आवाज रास्ते भर हो रही है। बीच रास्ते में इन बसों का ब्रेकडाउन होना आम बात है। यांत्रिक त्रुटियां भी आ रही हैं। कोहरे को चीरने के लिए इन बसों में फाॅग लाइट की व्यवस्था नहीं है। असुरक्षा के बीच लोगों को यात्रा कराई जा रही है।
डिपो में सरकारी बसों की फ्लीट कम हो गई है। छह माह पहले तक यहां 120 बसों की उपलब्धता रही है। इसमें 86 सरकारी बस और 34 अनुबंधित बस शामिल रहीं। मगर, 15 वर्ष की अवधि पूरी कर चुकी सात कंडम बसों को बदलने के लिए मुख्यालय भेज दिया गया। इसके बदले अब तक केवल दो नई बसें आवंटित की गईं हैं। डिपो काे पांच बसों का और इंतजार है। इस तरह डिपो के पास निगम की 81 बसें ही शेष बची हैं।
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54 बसों ने तय कर ली है मानक से अधिक दूरी
डिपो की 81 में से 54 बसों ने मानक दस लाख किमी से अधिक दूरी तय कर ली है। इसमें 31 बसें तो 12 से 15 लाख किमी की दूरी तय करने के बाद भी दौड़ाई जा रही है। डिपो की ओर से क्षेत्रीय कार्यालय में इन बसों को नीलाम करने योग्य रिपोर्ट प्रेषित की गई है। मगर, अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इन कंडम बसों से सवारियां ढोई जा रही हैं। जबकि इनके संचालन में मानक से अधिक डीजल का व्यय हो रहा है। इन दिनों दुर्घटना की भी आशंका रहती है।
निगम की बसों में ठिठुर कर यात्रा कर रहे लोग
बस्ती से बांसी, डुमरियागंज, बढ़नी, गोरखपुर, अयोध्या, प्रयागराज आदि रूटों पर चलने वाली बस्ती डिपो की बस में लोग ठिठुरते हुए यात्रा कर रहे हैं। क्योंकि भौतिक रूप से इन बसों की स्थिति ठीक नहीं होने से टूटी खिड़कियों के रास्ते सर्द हवाएं आ रही हैं। कुछ बसों में सीट और फर्श भी टूटी है। यांत्रिक खराबी आने के दौरान यात्रियों की दुर्गति हो जा रही है।

जानिए, क्या हैं शासन का फरमान

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर के स्तर से 15 दिन के भीतर दूसरी बार सभी डिपो को फरमान जारी किया गया है। इसमें सभी आरएम एवं एआरएम को स्पष्ट रूप से सचेत किया गया है कि सड़कों पर भौतिक एवं तकनीकी रूप से दक्ष बसों को ही चलाया जाए। यह भी कहा गया कि मुख्यालय से समय-समय पर निर्देश देने के बाद भी पालन न होने से दुर्घटनाओं की संख्या में गिरावट नहीं आ रही है। तकनीकी कमी के चलते बसों में शाॅर्टसर्किट से आग लगने तक की घटना हो रही है। मृतकों एवं घायलों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। इससे डिपो को आर्थिक क्षति भी उठानी पड़ रही है।
कोहरे में अंदाज से चलाई जा रहींं बसें
घने कोहरे के दौरान सरकारी बसों को अंदाज से आगे बढ़ाया जा रहा है। क्योंकि फाॅग लाइट के नाम पर इन बसों में केवल पीली रोशनी छोड़ने वाला बल्ब लगाया जा रहा है। पुराने सिस्टम में फिट किए जा रहे इन बल्बों की क्षमता दूर तक कोहरे को चीरने की नहीं है। एक चालक ने बताया कि लाइट व्यवस्था ठीक न होने से रात में बसों को चलाने में दिक्कत हो रही है। इसकी शिकायत करने पर फटकार के सिवाय निदान नहीं है।
बस्ती डिपो की खराब कुछ बसों का विवरण
बस संख्या तय करने वाली दूरी (किमी) स्थिति

यूपी 14 सीटी/0277 1432288 खराब
यूपी 53 सीटी/0611 1522020 खराब

यूपी 53 सीटी/0613 1314098 खराब
यूपी 53 सीटी/1300 145361 खराब
यूपी 53 सीटी/1487 1677532 खराब

यूपी 53 सीटी/1597 1744388 खराब

यूपी 53 सीटी/1734 1629029 खराब
यूपी 53 सीटी/1828 1590009 खराब

यूपी 51 टी/7825 1551200 खराब
यूपी 51 टी/7826 1 654019 खराब

यूपी 53 सीटी/2120 1188103 खराब


भौतिक एवं यांत्रिक रूप खराब बसों को सड़कों पर न चलाने का फरमान आया है। इसका अनिवार्य रूप से पालन किया जा रहा है। जिन बसों की स्थिति ठीक है, उन्हीं को रूटों पर भेजा जा रहा है।
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-आयुष भटनागर, एआरएम रोडवेज
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