- कंफर्म टिकट पर यात्रा करने वालों की भी हो रही सांसत
्त्योहारों पर भीड़ उमड़ी तो खुल गई रेलवे के इंतजाम की पोल, जनरल कोच में हो रही धक्का-मुक्की
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ट्रेनों में वेटिंग टिकट की सीमा तय न होने का खामियाजा कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट सौ के पार पहुंच गई है। त्योहार के सीजन में ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव ज्यादा है। बमुश्किल सात-आठ फीसदी वेटिंग टिकट ही कंफर्म हो पा रहे हैं। ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने के इंतजार में यात्री लंबी वेटिंग होने के बाद भी टिकट रिफंड नहीं करा रहे हैं। व्यवस्था की बदहाली इस कदर है कि दिव्यांग, महिलाएं व बुजुर्गों को छोड़िए हट्टे-कट्टे आम यात्री भी ट्रेनों में घुसने तो मारतोड़ पर आमादा दिखाई दिए।
सुरक्षा व्यवस्था का हाल यह रहा कि आरपीएफ के जवान सुरक्षा जांच के लिए निकले जरूर, लेकिन वह प्लेटफाॅर्म की पर घूमते नजर आए। दिन में करीब चार बजे जनरल व आरक्षण काउंटर से भीड़ नदारद दिखी। शाम करीब 3.54 बजे पहुंचीं आम्रपाली एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्री चढ़ने-उतरने के दौरान धक्का-मुक्की कर रहे थे। अंदर से कुछ यात्री बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे, तो वहीं बाहर से लोग अंदर घुस रहे थे। इस दौरान वहां अव्यवस्था दिखी। गोरखपुर से आ रहीं अमृता वर्मा ने बताया कि वह परिवार समेत जनरल बोगी में घुस गईं, लेकिन उतरने के समय दौरान बहुत दिक्कत हुई। बड़ी मुश्किल से सामान व बच्चों समेत प्लेटफार्म पर उतर पाईं।
कई ट्रेनों में 40-50 फीसदी तक वेटिंग टिकट बिक जा रहे हैं। इस वजह से ट्रेनों में नो रूम की स्थिति पैदा हो रही है। रेलवे हर बार त्योहारी सीजन में ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाता रहा है। इससे काफी संख्या में वेटिंग टिकट भी कंफर्म हो जाते हैं। इस बार भी अप-डाउन ट्रेनों में अतिरिक्त कोच प्रस्तावित हैं।
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सभी प्रमुख ट्रेनों में नवंबर भर वेटिंग
- जिले से दिल्ली के लिए करीब आधा दर्जन ट्रेनें जाती हैं। इन ट्रेनों में नवंबर भर करीब सौ तक वेटिंग आ रही है। रेलवे अधिकारियों की मानें तो यह वेटिंग अभी और भी बढ़ेगी। मुख्य आरक्षण अधिकारी एके पाठक ने बताया कि गोरखधाम, वैशाली, कुशीनगर, लोकमान्य तिलक, जम्मूतवी, छपरा मथुरा एक्सप्रेस में सौ तक वेटिंग चल रही है।