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Basti News: यूपीआई के जरिये खाते से उड़ाई जा रही जमापूंजी

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साइबर अपराध : नए-नए तरीकों से खंगाल रहे खाता
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों की कमाई को बैंक खातों से उड़ा रहे हैं। जिले में एक महीने में यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) को साइबर अपराधियों ने निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस समय फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर एक दूसरे के फ्रेंड से पैसे मांगने की शिकायत आ रही है। जिसे लेकर लोग फेसबुक पर एक दूसरे को सतर्क भी कर रहे हैं।
रेंज के साइबर थाने के प्रभारी विकास यादव ने बताया कि इसकी रोकथाम के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। साइबर अपराध से जुड़े पुलिस अधिकारियों के अनुसार ठग इंटरनेट के माध्यम से लोगों की गतिविधियों पर नजर गड़ाए हुए हैं। फेसबुक, ट्वीटर के माध्यम से साइबर ठग लोगों को झांसे में ले रहे हैं। इसमें ऑनलाइन खरीददारी करने, टिकट बुक कराने से लेकर ऑनलाइन गतिविधियों में सक्रिय लोगों का नंबर लेकर साइबर ठग घटना को अंजाम दे रहे हैं।
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सामने आए ऐसे भी मामले साइबर थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसमें एक व्यक्ति ने आइआरसीटीसी के माध्यम से टिकट कराया। टिकट कन्फर्म होने के बाद कैंसिल हो गया। जिसका पैसा रिफंड नहीं हुआ। तो संबंधित व्यक्ति ने मेल और ट्वीटर पर शिकायत दर्ज करा दी। इसका संज्ञान लेकर साइबर ठग ने खुद को आईआरसीटीसी का प्रतिनिधि बनकर फोन किया। टिकट रिफंड करने के नाम पर यूपीआई से साइबर ठग ने स्टेट बैंक के खाते से 51 हजार रुपये उड़ा लिए। ऑनलाइन ठगी में न तो पासवर्ड पूछा गया और न ही ओटीपी की जानकारी दी गई। फिर भी खाते से पैसा गायब। साइबर सेल की जांच में पता चला कि साइबर ठगी करने वाले झारखंड के हैं।

बैंक भी असहाय
- आरबीआई की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि हर ट्रांजेक्शन की सूचना मैसेज के माध्यम से ग्राहक को दी जाए। अगर अनाधिकृत लेनदेन है तो ग्राहक के फोन करने पर उस खाते को होल्ड करें। यूपीआई से होने वाले फर्जीवाड़े पर बैंक भी खुद को असहाय पा रहा है। साइबर ठग पेटीएम, गूगल पे या फोन पे से यूपीआई को लिंक कर पैसा उड़ा रहे हैं। हालांकि बैंक से लेकर आइआरसीटीसी ग्राहकों को लगातार सतर्क कर रहे हैं कि वह किसी से भी कोई जानकारी नहीं मांगें।
- साइबर ठगी के शिकार होने पर करें यह काम
जिस बैंक में फर्जीवाड़ा हुआ है, वहां सूचना दें।
- भीम, पेटीएम, गूगल पे, फोन पे आदि जिस से फर्जीवाड़ा हुआ है, स्क्रीनशाट लेकर संबंधित मोबाइल वालेट को भेजें। इससे पता चल जाएगा कि पैसा किसके खाते में ट्रांसफर हुआ है। - साइबर सेल, नेशनल पेमेंट कारपोरेशन इंडिया व आरबीआई को भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

साइबर थाने ने जारी की एडवाइजरी
-साइबर थाने के सीयूजी नंबर 7839876672 पर सूचना दें - सोशल मीडिया के यूजर एवं पासवर्ड किसी से शेयर न करें। - सोशल मीडिया अकाउंट की सिक्योरिटी के लिए टू-स्टेप वेरीफिकेशन का प्रयोग करें। - अपना बैंक अकाउंट, क्रेडिट/डेबिट कार्ड नंबर, नेट बैंकिंग पासवर्ड मोबाइल में सेव न रखें। - कस्टमर केयर से संपर्क करने हेतु आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही सर्च करें। - किसी भी अंजान व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल में किसी भी तरह के अप्लीकेशन इंसटॉल करने से बचें। - कैशबैक ऑफर या डिस्काउंट आदि के लिए कूपन कोड या अन्य किसी लालच में फंसने से बचें।
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