बस्ती। हेलो...प्रधान जी, नमस्कार। विकास भवन से बड़े बाबू बोल रहा हूं। आपको ग्राम पंचायत में बरात घर स्वीकृत कराना है क्या। अगर कराना हो तो मैं लखनऊ शासन में जा रहा हूं। वहां पटल पर कुछ देना पड़ता है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी ग्राम पंचायत का नाम भी चयन सूची में आ जाए तो कुछ देर में मेरे भेजे गए गूगल पे नंबर पर 25 हजार रुपये भेजिए।
जिले के तमाम ग्राम प्रधानों के पास इन दिनों ऐसे फोन आ रहे हैं, जिसमें ग्राम पंचायत में बरातघर स्वीकृत कराने का झांसा दिया जा रहा है। उन्हें शासन में रुपये देकर स्टीमेट और नक्शा पास कराने का झांसा दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जो लोग एडवांस रुपये देंगे, उन्हीं की ग्राम पंचायत का चयन किया जाएगा। कई ग्राम प्रधान उनके झांसे में आकर रुपये दे भी चुके हैं। मगर कई प्रधानों ने इसकी अधिकारियों और संगठन से शिकायत की है।
इन लोगों के पास आए फोन
दुबौलिया ब्लाॅक के चुइल बाबू के ग्राम प्रधान राकेश कुमार वर्मा बताते हैं कि उनके पास फोन आया कि डीपीआरओ आफिस से बोल रहा हूं। आपको ग्राम पंचायत में बरात घर चाहिए? उनके हां कहने पर दूसरी तरफ से कहा गया कि इसे पास कराने के लिए निदेशालय लखनऊ जाना पड़ेगा। वहां कुछ पैसा लगेगा। ऐसा ही फोन दुबौलिया विकास खंड के गोविंद पारा ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि नारायण साहू और लारा ग्राम पंचायत के राकेश कुमार के पास भी आ चुका है।
ऐसा कॉल करने वालों पर होगी एफआईआर
ग्राम प्रधानों को इस तरह का झांसा देने वालों से सतर्क रहना चाहिए। किसी भी योजना के तहत चयन या आवंटन योजना के मानक के अनुसार किया जाता है। अगर कोई किसी को ऐसे कॉल करता है तो उस पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
-राजेश कुमार प्रजापति, सीडीओ