बस्ती। पुरानी बस्ती के पांडेय बाजार बांसी रोड पर गिराए गए मंदिर के मामले में एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने एसओ पुरानी बस्ती योगेश सिंह को निलंबित कर दिया है। लालगंज के थाना प्रभारी महेश सिंह को पुरानी बस्ती की कमान दे दी है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से दी गई सूचना के अनुसार, 4 जून को पुरानी बस्ती में श्रीराम जानकी मंदिर ध्वस्त कर दिया गया था। थाने पर पहुंचे मंदिर के सर्वाकार के पुत्र व उनके साथियों से थानेदार ने मंदिर के ध्वस्त किए जाने से अनभिज्ञता जताई थी, मगर बाद में जब मामला तूल पकड़ने लगा तो उन्होंने मुकदमा दर्ज कर लिया। एसपी के पास जब यह मामला पहुंचा तो उन्होंने इसे थानेदार की लापरवाही मानते हुए शनिवार को उन्हें निलंबित कर दिया है। इनके स्थान पर लालगंज के थानेदार की तैनाती की गई है।
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आरोपी ने विवादित जमीन को बताया अपना
पुरानी बस्ती में 65 वर्ष पुराने मंदिर को तोड़े जाने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पुरानी बस्ती क्षेत्र के पांडेय बाजार बांसी रोड पर स्थित श्रीराम जानकी मंदिर तोड़े जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मंदिर की जमीन को आरोपी मयंक गाडिया ने अपना बताते हुए बैनामा के कागज दिए हैं। कहा है कि इस जमीन को वर्ष 1980 में ही बैनामा कराया गया था। इस पर तभी से हम लोगों का कब्जा है। आरोप लगाया कि कुछ भू-माफिया इस पर कब्जा करना चाहते हैं। इसका वाद भी न्यायालय में चल रहा है। जिस पर न्यायालय ने प्रतिवादियों को कोई भी काम करने से मना कर दिया है।
मयंक ने कहा है कि कोर्ट के निर्णय के बाद भू-माफिया किस्म के लोग धार्मिक भावनाओं को भड़काकर गुमराह कर रहे हैं। कहा कि भू-माफिया अपने मकसद में कामयाब हो गए तो परिवार को क्षति होगी। कहा कि यह पूरा प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है।
इधर शनिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष महेश शुक्ल ने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। बोले कि नगर पालिका के अभिलेखों में मंदिर दर्ज है। ऐसे में इसे ध्वस्त किया जाना धार्मिक आस्था पर चोट है। कहा कि मंदिर निर्माण उसी स्थल पर होगा।