बस्ती। अगर सबकुछ ठीक रहा तो हर तहसील में जल्द ही परिवहन विभाग आरआई यानी कि प्राविधिक निरीक्षकों की तैनाती करेगा। इसके साथ ही जिला स्तर पर एक और एआरटीओ (रोड सेफ्टी) के रूप में तैनाती देगा। इससे आम आवेदकों को आरटीओ दफ्तरों का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और तहसील मुख्यालयों पर ही उनके वाहनों का फिटनेस व डीएल बन जाएगा। साथ ही सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान भी लगातार जारी रहेगा।
सड़क सुरक्षा को लेकर शासन गंभीर है। कारण यह है कि हर वर्ष हादसों में मरने वालों व घायलों का प्रतिशत लगातार बढ़ता जा रहा है। जबकि हर तीसरे माह जहां सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग जागरूकता माह व जागरूकता पखवारा चलाता है, वहीं हर महीने प्रशासनिक स्तर पर मंडल व जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक मंडलायुक्त से लेकर जिलाधिकारी करते रहते हैं। बावजूद इसके सड़क हादसों में मौत व घायलों की संख्या में कोई कमी नहीं आ पा रही है।
अभी तक जिला स्तर पर आरआई यानी कि संभागीय निरीक्षक तैनात होते रहे हैं। जो लर्निंग लाइसेंस व वाहनों के फिटनेस को प्रमाणित करते हैं। वहीं तहसील स्तर पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। दूसरी तरफ जिले में एआरटीओ प्रशासन व एआरटीओ प्रवर्तन की तैनाती होती आ रही है। जिनका कार्य कार्यालय में पटलों का संचालन व वाहनों का जांच करना रहता है।
सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब हर तहसील स्तर पर आरआई व जिला स्तर पर एआरटीओ (सड़क सुरक्षा) का पद सृजित कर तैनाती करने का निर्देश दिया है। इस प्रकार बस्ती जनपद में चार आरआई व एक अतिरक्त एआरटीओ (रोड सेफ्टी) की तैनाती की जाएगी।
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इस व्यवस्था का यह है मूल उद्देश्य
नवीन पद सृजित करने के पीछे परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इससे मार्ग दुर्घटनाओं को नियंत्रित किया जा सकेगा और आम वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सकेगा। यही नहीं आम वाहन चालक तक परिवहन विभाग अपनी पैठ बनाकर डीएल, फिटनेस व अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराएगा। जिला अथवा मंडल मुख्यालय तक वाहन चालक को दौड़ लगाने से छुटकारा मिल जाएगा। यहां दफ्तरों का कार्य सिर्फ सुपरविजन करना रह जाएगा।
दिशा-निर्देश का किया जा रहा इंतजार
आरटीओ प्रशासन फरीदुद्दीन ने बताया कि परिवहन मुख्यालय के दिशा-निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। उसी अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।