- बीडीए के अधिकारियों के साथ डीएम ने लिया फीडबैक
- अवैध कब्जे को खाली करवाने की कवायद में तेजी लाने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कुआनो नदी के किनारे ग्रीन जोन विकसित करने की कवायद तेज हाेने की उम्मीद जग गई है। नदी के दोनों किनारे हरित पट्टी बनाई जाएगी। बसती महायोजना-2031 के तहत नदी की जमीन को जिन लोगों ने कब्जा किया है, उसे खाली करवाई जाएगी। प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुआनो नदी के किनारे गैर चिरागी गांव बड़ार और ऊंची भीटी की जमीन का भू माफियाओं के जरिए बाकायदा प्लॉटिंग कर जमीनों का सौंदा किया जा रहा है। इस पर सख्त कार्रवाई करने की पहल प्रशासन के स्तर से हो चुकी है। वहां पार्क, चौड़े रास्ते के मानक को पूरा कराया जाएगा। ताकि शहर की सूरत बिगड़ने से बचाई जा सके।
डीएम अंद्रा वामसी ने इसे लेकर बीडीए के अधिकारियों के साथ बृहस्पतिवार को बैठक की। निर्देश दिए कि भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए मास्टर प्लान तैयार किया जाए। कहा कि बिना नक्शा पास कराए जितने भी निर्माण हुए हैं उनकी सूची तैयार कर नोटिस जारी की जाए। उन्होंने नदी के किनारों पर डूब क्षेत्र की जमीनों को चिह्नित करने के लिए सिंचाई विभाग को निर्देशित किया। कहा कि एक सप्ताह में यह कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए। उन्होंने कुआनों नदी के बहाव की जानकारी प्राप्त की। कहा कि नदी के किनारे औरेंज जोन को ग्रीन जोन में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रीनबेल्ट के सर्वे का समरी सीट अगले बैठक में प्रस्तुत की जाए। इस मौके पर एडीएम कमलेश चंद्र, एक्सईएन बीडीए संदीप वर्मा, ईओ नगरपालिका दुर्गेश्वर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
यह है नया मास्टर प्लान
- नए मास्टर प्लान के मुताबिक बीडीए का दायरा 51.12 से बढ़कर 150.76 वर्ग किलोमीटर हो गया है। इसमें भारत सरकार के जीआईएस प्लेटफाॅर्म पर सेटेलाइट इमेजनरी के आधार पर नगर पालिका समेत कुल 217 गांवों को शामिल किया गया है। इसमें 1096.54 हेक्टेयर भूमि ग्रीन जोन या पार्क के रूप में चिह्नित की गई है।
बीडीए नियमावली के अनुसार इस भूमि में किसी तरह का निर्माण प्रतिबंधित रहेगा। मगर धरातलीय सच्चाई इससे इतर है। क्षेत्रवार जिन जगहों को ग्रीन जोन या पार्क के रूप में चिह्नित किया गया है, वर्तमान में वहां निर्माण है। बीडीए के सर्वे में यह असलियत खुद उजागर हुई है। सर्वे रिपोर्ट में ग्रीन जोन में 35 प्रतिशत निर्माण दर्ज किया गया है। भवनों के गणना का कार्य अभी चल रहा है, जिसमें मानचित्र स्वीकृत कराकर बनाए गए या बिना मानचित्र के बनाए गए भवन भी चिह्नित किए जा रहे हैं।
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16 जगहों पर पार्क के रूप में ग्रीन जोन हुए हैं चिह्नित
- बीडीए के मानचित्र में कुल 16 जगहों पर पार्क के रूप में ग्रीन जोन चिह्नित हुए हैं। इसमें गिदही पाॅवर हाउस के पीछे, बस्ती खास, छियुलिया, लखनऊरा, नरहरिया, विशुनपुरवा, खौरहवा, खीरीघाट, लौकियहवा, एपीएन के पीछे, मड़वानगर, मिश्रौलिया, भूअर, अमहट, ढोरिका, बड़ार में पार्क चिह्नित हुए हैं। इन जगहों पर अधिकांश पार्क की जमीनों में निर्माण हो चुके हैं। जिन्हें भविष्य में पार्क के रूप में संवारा नहीं जा सकता है।
नदी और हाईवे के किनारे ग्रीन बेल्ट चिह्नित
- प्राधिकरण क्षेत्र में पड़ने वाले हाईवे और कुआनों नदी के किनारे दोनों तरफ 87.5 मीटर की दूरी तक ग्रीन बेल्ट चिह्नित हुई है। यहां भी निर्माण प्रतिबंधित है। मगर कुछ जगहाें पर काश्तकारों ने ग्रीन बेल्ट में चिह्नित अपने भूखंड पर निर्माण करा लिया है। शत प्रतिशत यह भूमि भी बीडीए संरक्षित नहीं कर सकी है।