बस्ती। शासन के निर्देशानुसार हर महीन दो तहसील और दो थाना समाधान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें अफसर फरियादियों की समस्याएं सुनने पूरे लाव लश्कर पहुंच रहे हैं और फरियादियों को आश्वासन से घुट्टी पिलाकर वापस भेज रहे हैं। यह क्रम निरंतर चलता जा रहा है। हर समाधान दिवस पर बड़ी संख्या में फरियादी न्याय की उम्मीद लेकर तहसील व थाना जाते हैं और आश्वासन लेकर घर लौट जाते हैं।
शनिवार को हमने थाना समाधान दिवस पर लालगंज और कलवारी पहुंचे फरियादियों से बातचीत की। तमाम बुजुर्ग फरियादियों ने कांपते हाथों से अफसरों को प्रार्थना पत्र थमाया, बोले कि, साहब अब तो शरीर भी साथ नहीं दे रही है, जीवन के आखिरी पड़ाव पर तो कम मे कम न्याय दिला दीजिए।
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- हमने एक बिस्वा जमीन गांव के ही सावित्री देवी को बैनामा लिखा था, उन्होंने मेरी पांच विस्वा जमीन कब्जा कर लिया। अपनी जमीन पाने के लिए 2013 से लगातार शिकायत कर रहा हूं। आज तक समाधान नहीं हो पाया। -बाबूराम, अगौना, कलवारी।
- हमारी और देवी सहाय की संयुक्त जमीन माझा खुर्द में है। आधी जमीन के देवीसहाय हिस्सेदार हैं। उन्होंने अपनी जमीन के अलावा मेरी जमीन पर भी कब्जा कर लिया है। 2018 से अपनी जमीन वापस पाने को लेकर लगातार शिकायत कर रहा हूं। आज तक समाधान नहीं हो पाया। -विश्राम यादव, धोबहट, कलवारी।
- बिना मेरी सहमति के नगर पंचायत की ओर से मेरे गाटा संख्या 498 व 499 में सड़क बना दिया गया है। दो साल से तहसील समाधान और थाना समाधान दिवस में शिकायत कर रही हूं। लेकिन आज तक कोई अफसर पैमाइश करने नहीं आया। शिकायत करने पर हर बार अफसर आश्वासन देकर जाने को कह देते हैं। -सीमा शुक्ला, बसौढ़ी, लालगंज।
- दूसरी बार समाधान दिवस में शिकायत करने आया हूं। गांव में अपनी जमीन गाटा संख्या 125 में घर का निर्माण करा रहा था। विपक्षी गाटा संख्या 132 का कोर्ट से स्टे ले आए। पुलिस ने निर्माण कार्य रोकवा दिया जबकि स्टे वाला गाटा नंबर दूसरा है। शिकायत पर फिर अफसरों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। -राम ललित, फर्दा, लालगंज।