मौसम : सावन का दूसरा दिन भी रहा सूखा
बस्ती। भटका हुआ मानसून किसानों को अभी तक तो निराश किया है। लेकिन, तीन दिन बाद यानी मंगलवार से अच्छी बारिश के आसार हैं। हालांकि बृहस्पतिवार रात में आंधी के साथ मामूली बूंदाबांदी हुई लेकिन इससे राहत लोगों को बिल्कुल नहीं मिल सकी।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अगले दो-तीन दिन यूं ही आसमान में बादल बनते-बिगड़ते रहेंगे। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। लेकिन, मंगलवार से अच्छी बारिश का अनुमान है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने शुक्रवार को जारी साप्ताहिक पूर्वानुमान में बताया है कि अगले हफ्ते यानी सोमवार रात से बारिश की संभावना है जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के साथ ही किसानों को काफी फायदा होगा।
इधर, बृहस्पतिवार रात हल्की आंधी के बीच हुई छिटपुट बारिश से लोगों ने रात भर गर्मी से राहत महसूस की लेकिन शुक्रवार सुबह से ही तेज धूप ने फिर से हाल बेहाल कर दिया। अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान फिर से 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश की उम्मीद लगाए किसानों को मायूस होना पड़ा। वे मन मसोसकर धान की रोपाई तो कर रहे हैं लेकिन तीखी धूप से मुरझा रहे पौधों को देखकर उनका दिल बैठा जा रहा है।
अब तक के आंकड़ों की बात करें तो बस्ती मंडल के तीनों जिले में इस बार पिछले वर्ष की तुलना में 69 फीसदी कम बारिश हुई। पिछले वर्ष 2021 जुलाई के पहले पखवारे तक 120 मिलीमीटर, 2020 में 107 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। 2021 की जुलाई के शुरुआती चार दिनों में 50 मिलीलीटर से अधिक बारिश हो गई थी। जिसके कारण खेत-तालाब लबालब भर गए थे। इससे धान की रोपाई में काफी सुविधा हुई थी। तापमान भी 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ चुका था। मगर इस बार जुलाई में अभी सिर्फ 42 मिलीलीटर बारिश ही हुई।
बारिश न होने से किसान परेशान, सूख रही है धान की फसल
टिनिच ( बस्ती)। बारिश न होने से किसान परेशान हैं। वे निजी संसाधनों से फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। इसके बावजूद धान के खेतों में दरार पड़ रही है, जो किसानों को चिंता बढ़ा रही है। सल्टौआ ब्लॉक क्षेत्र के अजगैवा जंगल, तिनहरी, बोधपुर, बसहवा, धनघटी, पचलौरिया, हल्काभीरी, शिवपुर, पचलौरिया, घुरहूपुर, पंडितपुर, भदना, चेतरा, साड़ी हिच्छा, सेवाई, बेलवाडाड़ आदि क्षेत्रों में धान की फसलों की वृद्धि नहीं हो रही है। तिनहरी निवासी गंगाराम चौधरी ने बताया की आधी जुलाई बीत गई लेकिन बूंदाबांदी को छोड़कर बारिश नहीं हुई। इससे धान की फसलें प्रभावित हो रही है। किसान दीनानाथ वर्मा ने बताया कि बारिश न होने से रोपी गई धान की फसल बढ़ नहीं रही है और पौध सूख रही है। खेतों में नमी न होने के कारण तिल, मक्का, उड़द की बुवाई नहीं हो पा रही है। पानी के अभाव में तालाब सूूख गए हैं। जिससे छुट्टा मवेशी व जंगली जानवर पानी ढूंढते हुए आबादी में घुस जा रहे हैं। किसान विजय बहादुर ने बताया कि बारिश न होने से फसलों की सिंचाई अधिक करनी पड़ रही है जिससे लागत बढ़ रही है।