- पुलिस ने कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट, 25 अक्तूबर को अगली सुनवाई
- गुमनाम पत्र में बताई गई संपत्तियों की नहीं हो सकी तस्दीक
- अपहरण के केस में पूर्व मंत्री के कोर्ट में पेश न होने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। व्यवसायी के बेटे के अपहरण के केस में फरार चल रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों को कुर्क करने के संबंध में शनिवार को सुनवाई की गई। पुलिस ने अदालत को दी रिपोर्ट में बताया कि गोरखपुर और लखनऊ सहित अन्य किसी भी जिले में अमरमणि त्रिपाठी के नाम की कोई संपत्ति नहीं पाई गई, जो संपत्तियां थीं वह पहले ही कुर्क की जा चुकी हैं। पुलिस के मुताबिक गुमनाम पत्र के जरिये संपत्तियों की झूठी जानकारी देकर कोर्ट को गुमराह किया गया। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 25 अक्तूबर की तारीख तय की है।
विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि की अदालत को सौंपी रिपोर्ट में कोतवाली पुलिस ने कहा है कि गैंगस्टर अधिनियम और अपहरण आदि की धाराओं में नामजद अमरमणि त्रिपाठी की लखनऊ के विपुल खंड एवं गोमतीनगर में दो संपत्तियाें के बारे में एसडीएम सदर गोमतीनगर से पत्राचार किया गया था। इसी तरह गोरखपुर विकास प्राधिकरण से भी संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगी गई। दोनों जगह से बताया गया कि जो संपत्ति ज्ञात हुई थी, उसकी कुर्की की जा चुकी है, अब कोई संपत्ति शेष नहीं है।
इससे पहले कोतवाली पुलिस ने 13 अप्रैल को महराजगंज जनपद के नौतनवा में स्थित पूर्व मंत्री का आवास कुर्क किया था। कुछ दिन बाद लखनऊ की संपत्ति भी कुर्क कर ली गई थी। उसी दौरान न्यायालय को गुमनाम पत्र भेजकर गोरखपुर और लखनऊ में कुछ और संपत्तियां होने का दावा किया गया था। इसके बाद कोर्ट ने पुलिस को फिर से संपत्तियों का पता लगाकर कुर्क करने के लिए आदेश दिया था।